देहरादून, 22 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में दूषित पीने के पानी से फैली बीमारी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है।
यह घटना तब हुई जब जियोलीकोट और आसपास के गांवों में दूषित पीने के पानी से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए और पानी से फैलने वाली बीमारी के फैलने की आशंका पैदा हो गई।
देहरादून में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह घटना दुखद है और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जियोलीकोट इलाके की घटना बहुत दुखद है और निश्चित रूप से सभी को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कर दी गई है और पहले चरण में कार्रवाई की गई है। मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
बीमारी फैलने के बाद उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति के बारे में रिपोर्ट सौंपने के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर यह कार्रवाई की गई।
सस्पेंड किए गए इंजीनियरों पर प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई की स्थिति से जुड़े अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही का आरोप है।
सस्पेंड किए गए लोगों में हल्द्वानी जल संस्थान के प्रभारी अधीक्षण अभियंता के साथ-साथ नैनीताल जल संस्थान के एक सहायक अभियंता और एक अतिरिक्त सहायक अभियंता शामिल हैं।
इस कार्रवाई में भीमताल पेयजल निगम के एक कार्यकारी अभियंता, एक प्रभारी सहायक अभियंता और एक कनिष्ठ अभियंता भी शामिल हैं, जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के बाद सस्पेंड कर दिया गया है।
नैनीताल जल संस्थान के कार्यकारी अभियंता को भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में कोई भी लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और प्रशासन का कहना है कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी चूक दोबारा न हो।
–आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



