मध्य प्रदेश में छात्रों की आत्महत्याएं गहरे सामाजिक संकट को दर्शाती हैं: कांग्रेस

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भोपाल, 6 जुलाई (आईएएनएस)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को देश भर में कथित तौर पर अवसाद के कारण आत्महत्या करने वाले 12 बच्चों (मध्य प्रदेश की दो लड़कियां भी शामिल) की आत्महत्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने छात्रों और युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उजागर करने के लिए राज्यव्यापी अभियान की घोषणा की। भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नटराजन ने कहा कि बच्चों की हालिया मौतें बेहद चिंताजनक हैं और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए गंभीर हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि…

भोपाल, 6 जुलाई (आईएएनएस)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को देश भर में कथित तौर पर अवसाद के कारण आत्महत्या करने वाले 12 बच्चों (मध्य प्रदेश की दो लड़कियां भी शामिल) की आत्महत्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने छात्रों और युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उजागर करने के लिए राज्यव्यापी अभियान की घोषणा की।

भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नटराजन ने कहा कि बच्चों की हालिया मौतें बेहद चिंताजनक हैं और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए गंभीर हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा, बेरोजगारी और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए 14 और 15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक दो दिवसीय साइकिल रैली के साथ अपना ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू करेगी।

नटराजन ने कहा कि मध्य प्रदेश की दो बेटियों समेत 12 बच्चों की मौत की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह सिर्फ प्रभावित परिवारों की निजी त्रासदी नहीं है, बल्कि एक ऐसा मामला है जिस पर समाज और सरकार दोनों को मिलकर संवेदनशीलता और सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ते शैक्षणिक दबाव, रोजगार की अनिश्चितता और पर्याप्त परामर्श सुविधाओं की कमी छात्रों के तनाव को और बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को समर्थन, मार्गदर्शन और अवसर चाहिए, न कि उदासीनता। सरकारों को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।

नटराजन ने मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की मूंग की खरीद को लेकर भी आलोचना की और आरोप लगाया कि राज्य का खरीद कोटा वास्तविक उत्पादन से काफी कम है।

उन्होंने दावा किया कि इसके परिणामस्वरूप किसानों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है और सरकार से मांग की कि वह खरीद लक्ष्य को संशोधित करे ताकि प्रत्येक पात्र किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज बेच सके।

राज्य सरकार को निशाना बनाते हुए कांग्रेस नेता ने भारतीय चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की आलोचना करते हुए उन पर छात्रों, किसानों और बेरोजगार युवाओं से संबंधित मुद्दों को हल करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपना राज्यव्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम जारी रखेगी और जन अभियानों और विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से इन मुद्दों को जनता के समक्ष रखेगी।

–आईएएनएस

एमएस/

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