चेन्नई, 8 नवंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) में शामिल हुए अन्नाद्रमुक के चार पूर्व विधायकों को दल-बदल मामले में नोटिस जारी किया है। विधानसभा में इस साल हुए विश्वास मत के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के आरोप में इन विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही चल रही है।
विधानसभा अध्यक्ष ने चारों पूर्व विधायकों को 10, 11 और 12 नवंबर को सुनवाई के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले में अंतिम दलीलें 17 नवंबर को सुने जाने की संभावना है। इसके बाद अध्यक्ष अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करेंगे।
यह पूरा विवाद 13 मई को तमिलनाडु विधानसभा में हुए विश्वास मत से जुड़ा है। इस दौरान अन्नाद्रमुक के 25 विधायकों पर पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए सरकार के पक्ष में मतदान करने का आरोप लगा था। मतदान के बाद अन्नाद्रमुक के मुख्य सचेतक एग्री कृष्णमूर्ति ने संविधान के दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष के पास याचिका दायर की थी। हालांकि, बाद में अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने 21 विधायकों के खिलाफ शिकायत वापस लेने का फैसला किया था। इससे पार्टी के निर्देश का उल्लंघन करने के बावजूद इन विधायकों को राहत मिल गई थी।
लेकिन पार्टी ने उन चार विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही जारी रखी, जिन्होंने बाद में अन्नाद्रमुक से इस्तीफा देकर टीवीके का दामन थाम लिया था। इस बीच दो अन्य विधायकों एम.आर. विजयभास्कर और सी. विजयभास्कर ने भी इस्तीफा दे दिया, जिससे लंबित कार्यवाही से जुड़े विधायकों की संख्या छह हो गई।
इसके बाद एग्री कृष्णमूर्ति ने विधानसभा अध्यक्ष के इस्तीफे स्वीकार करने के फैसले को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने इस्तीफों को वैध ठहराते हुए कहा कि ये वास्तविक और स्वैच्छिक थे।
अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष को लंबित अयोग्यता याचिकाओं का दो महीने के भीतर निपटारा करने का भी निर्देश दिया था।
अदालत के निर्देश के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही तेज करते हुए चार पूर्व विधायकों की व्यक्तिगत सुनवाई निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान पलानीस्वामी के कानूनी प्रतिनिधियों के भी अपनी दलीलें पेश करने की संभावना है।
इस मामले का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि विवाद से जुड़ी दो विधायक मरगथम कुमारवेल और सत्यबामा टीवीके के टिकट पर विधानसभा उपचुनाव लड़कर जीत चुकी हैं। अगर उनके खिलाफ प्रतिकूल फैसला आता है तो इसके कानूनी प्रभावों के आधार पर उनकी मौजूदा विधायक के रूप में पात्रता और भविष्य के चुनाव लड़ने की योग्यता पर सवाल उठ सकते हैं। अब 17 नवंबर को होने वाली अंतिम सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। विधानसभा अध्यक्ष का फैसला तमिलनाडु की राजनीति और टीवीके की राजनीतिक स्थिति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
–आईएएनएस
डीएससी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



