केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के अस्पताल में सोनम वांगचुक से की मुलाकात

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नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। वांगचुक को आगे के उपचार के लिए मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया था। मंगलवार शाम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एम्बुलेंस के जरिए मेदांता अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में भर्ती कराया गया है।…

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। वांगचुक को आगे के उपचार के लिए मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया था।

मंगलवार शाम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एम्बुलेंस के जरिए मेदांता अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में भर्ती कराया गया है।

केंद्रीय मंत्रियों की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब छात्र अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं। उनके आंदोलन के बुधवार को 25 दिन पूरे हो रहे हैं।

इससे पहले सोमवार को वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से जारी एक हस्तलिखित नोट में कहा था कि वह तब तक अपना अनशन जारी रखेंगे, जब तक प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या उन्हें स्वयं अस्पताल में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती।

मंगलवार को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा कि उन्होंने तब तक अनशन जारी रखने का फैसला किया है, जब तक संसद ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई का संज्ञान नहीं लेती।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की पिटाई की गई, उन पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने संसद में उनकी मांगों पर सुनवाई होने तक छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।

प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आंगमो ने कहा, “मैं ट्रक में थी, तभी पुलिस अंदर आई और अभिजीत को भी जबरदस्ती ले जाने की कोशिश की। मेरे चारों ओर मौजूद लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर मेरी रक्षा की। छात्रों के साथ जो कुछ भी हुआ, वह हम सभी ने देखा है। अगर मैं अकेली होती और मेरे साथ कुछ किया जाता, तो मैं भी अपनी रक्षा करती।”

–आईएएनएस

एसएके/एएस

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