नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन शनिवार को अयोध्या दौरे के दौरान आयोजित दीपोत्सव 2026 में शामिल होंगे।
अपनी यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और अयोध्या में श्री राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे सम्मानित संतों का सम्मान भी करेंगे।
शनिवार को होने वाला ‘अयोध्या दीपोत्सव 2026’, इस भव्य उत्सव की 10वीं वर्षगांठ होगी, जो रविवार को आने वाली दीपावली से पहले आयोजित किया जा रहा है।
एक बयान के अनुसार आयोजकों का लक्ष्य 56 घाटों पर 30 से 33 लाख से अधिक मिट्टी के दीए जलाने का है। इसमें मुख्य केंद्र ‘राम की पैड़ी’ और सरयू नदी के किनारे शामिल हैं।
गुरुवार को एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने कहा कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय प्रगति न केवल देश के लिए एक मिसाल है, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए भी एक मॉडल है।
यहां ‘भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2026’ के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने बताया कि भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित क्षमता 300 गीगावाट को पार कर गई है। उन्होंने कहा कि भारत ने 2025 में ही अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हासिल कर लिया है, जो उसके तय लक्ष्य से पांच साल पहले है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में सौर ऊर्जा क्षमता 3 गीगावाट से कम से बढ़कर 170 गीगावाट से अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा, जो कभी कोयले से बनने वाली बिजली की तुलना में कई गुना महंगी थी। अब भारत में बिजली के सबसे सस्ते स्रोतों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव बेहतर नीतियों, निजी उद्यमों और राज्यों तथा नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
उपराष्ट्रपति ने बताया कि ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 65 लाख से अधिक परिवार इस सौर अभियान से जुड़े हैं, जिससे उन्हें किफायती और स्वच्छ ऊर्जा मिल रही है।
–आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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