‘मतदान राष्ट्र निर्माण का पहला कदम,’ सीईसी ज्ञानेश कुमार ने रिकॉर्ड मतदान के आंकड़े साझा किए

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नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को मतदान को राष्ट्र निर्माण का पहला कदम बताया। उन्होंने 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक से मतदाता बनने और लोकतंत्र के उत्सव में भाग लेने का आह्वान किया। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान से संबंधित आंकड़े जारी करते हुए ज्ञानेश कुमार ने एक संदेश में कहा कि भारत के संविधान, चुनावी कानूनों, नियमों और निर्देशों के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) मतदाताओं के साथ था, है और हमेशा रहेगा। ईसीआई ने एक बयान में कहा कि हाल ही में हुए…

नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को मतदान को राष्ट्र निर्माण का पहला कदम बताया। उन्होंने 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक से मतदाता बनने और लोकतंत्र के उत्सव में भाग लेने का आह्वान किया।

हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान से संबंधित आंकड़े जारी करते हुए ज्ञानेश कुमार ने एक संदेश में कहा कि भारत के संविधान, चुनावी कानूनों, नियमों और निर्देशों के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) मतदाताओं के साथ था, है और हमेशा रहेगा।

ईसीआई ने एक बयान में कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया, जिससे मतदान प्रतिशत 93.71 प्रतिशत तक पहुंच गया। राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 6.38 करोड़ से अधिक थी।

असम में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान 2.16 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया, जिससे वोटिंग प्रतिशत 86.33 प्रतिशत के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया।

केरल में मतदान प्रतिशत 79.53 रहा, जिसमें 2.16 करोड़ मतदाताओं ने अपना वोट डाला।

तमिलनाडु में 86.03 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें 4.93 करोड़ मतदाताओं ने भाग लिया।

पुडुचेरी में 91.19 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें 8,66,932 मतदाताओं ने मतदान किया।

इससे पहले चुनाव आयोग ने सटीकता और पारदर्शिता को मजबूत करने के उद्देश्य से 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू किया।

आयोग के अनुसार, एसआईआर के चरण-3 का कार्यक्रम वर्तमान में चल रहे जनगणना गृह-सूचीकरण कार्यों में लगे सामान्य क्षेत्र मशीनरी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया गया है।

तीसरे चरण के प्रारंभ होने के साथ ही, एसआईआर अभ्यास हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को छोड़कर पूरे देश को कवर कर लेगा।

आयोग ने कहा कि इन तीनों क्षेत्रों के लिए कार्यक्रम की घोषणा दूसरे चरण की जनगणना पूरी होने के बाद, साथ ही ऊपरी इलाकों और हिमपात वाले क्षेत्रों में मौसम संबंधी चुनौतियों पर विचार करने के बाद की जाएगी।

–आईएएनएस

एमएस/डीकेपी

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