तिरुवनंतपुरम, 14 मई (आईएएनएस)। केरल के भावी मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने गुरुवार को कांग्रेस आलाकमान द्वारा राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में आभार, विनम्रता और राजनीतिक संदेश के बीच एक सावधानी भरा संतुलन बनाया। उन्होंने घोषणा की कि यूडीएफ की यह जबरदस्त जीत किसी एक नेता की नहीं, बल्कि टीम यूडीएफ और पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की जीत है।
कांग्रेस नेतृत्व द्वारा सीएम पद को लेकर कई दिनों से चल रहे सस्पेंस को औपचारिक रूप से खत्म करने के कुछ घंटों बाद सतीशन ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने पार्टी के भीतर एकता दिखाने की कोशिश की, खासकर उस तीखी अंदरूनी लड़ाई के बाद जिसने केरल की राजनीति में हलचल मचा दी थी।
सतीशन ने कहा, “कांग्रेस ने मुझे एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का तहेदिल से शुक्रगुजार हूं।”
पार्टी के भीतर की बेचैनी को शांत करने के मकसद से एक अहम राजनीतिक कदम उठाते हुए सतीशन ने यूडीएफ की शानदार जीत का श्रेय खुले तौर पर पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रचार समिति के अध्यक्ष रमेश चेन्निथला को दिया।
उन्होंने कहा कि इस जीत के पीछे मुख्य लोग के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला हैं। मैं उनके साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी जोसेफ के साथ मिलकर काम करूंगा। इस बात से यह संकेत मिलता है कि आने वाला प्रशासन कांग्रेस के भीतर के सभी प्रमुख सत्ता केंद्रों को साथ लेकर चलने की कोशिश करेगा।
वी.डी सतीशन ने बार-बार सामूहिक नेतृत्व और जनभागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति अकेला कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने केरल का शासन चलाने के लिए एक व्यापक टीम बनाने का वादा किया।
उन्होंने कहा कि हम बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। एक नया केरल बनाने के लिए मुझे लोगों की मदद और समर्थन चाहिए। हम सब मिलकर इस दिशा में काम करेंगे। साथ ही यह वादा भी किया कि चुनाव प्रचार के दौरान यूडीएफ द्वारा दिए गए हर बड़े आश्वासन को पूरा किया जाएगा।
शायद अपनी सबसे अहम टिप्पणी में सतीशन ने घोषणा की कि उनकी सरकार सार्वजनिक जीवन में एक नई व्यवस्था लिखेगी। मुख्यमंत्री के पद को उन्होंने ईश्वर द्वारा दी गई जिम्मेदारी बताया।
मुख्यमंत्री पद के लिए नामित व्यक्ति की घोषणा में हुई लंबी देरी को लेकर हो रही आलोचना को शांत करने की कोशिश करते हुए सतीशन ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया में कुछ भी शर्मनाक नहीं था। उन्होंने बताया कि अंतिम फैसला लेने से पहले हर विधायक और वरिष्ठ नेता के साथ विचार-विमर्श किया गया था।
शपथ ग्रहण की तारीख और कैबिनेट सदस्यों के बारे में सतीशन ने कहा कि कैबिनेट के गठन का फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श करके लिया जाएगा। वहीं, शपथ ग्रहण समारोह राज्यपाल के साथ मिलकर तय किया जाएगा।
–आईएएनएस
पीआईएम/वीसी
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