मुंबई, 11 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र विधानसभा में शनिवार को उस समय तीखी बहस देखने को मिली, जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला किया।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने शुक्रवार शाम विपक्षी नेता पर चुनिंदा हिंदुत्व का पालन करने का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि उद्धव ठाकरे अपने पूर्व मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मुंबई के प्रतिष्ठित सिद्धिविनायक मंदिर में कथित दान अनियमितताओं पर चुप क्यों रहे।
यह राजनीतिक टकराव अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई धनराशि और कीमती सामान की चोरी और गंभीर अनियमितताओं को लेकर चल रहे राष्ट्रीय विवाद के बीच हुआ।
सदन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अयोध्या मंदिर में सामने आई सुरक्षा और वित्तीय खामियों की कड़ी निंदा की और कहा कि इन घटनाओं ने देश भर में लाखों राम भक्तों की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है।
एकनाथ शिंदे ने पुष्टि की कि एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पहले ही गिरफ्तारियां कर ली हैं और अयोध्या मामले की सक्रिय रूप से जांच कर रहा है। उन्होंने कड़ी जवाबदेही का आश्वासन दिया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसमें शामिल किसी को भी नहीं बख्शेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को जेल भेजा जाए।
हालांकि, उपमुख्यमंत्री शिंदे ने तुरंत ध्यान महाराष्ट्र की ओर मोड़ दिया और सदन में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को निशाना बनाते हुए दस्तावेज प्रदर्शित किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे के कार्यकाल में सिद्धिविनायक मंदिर में व्यापक कुप्रबंधन और धन की हेराफेरी हुई।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पूछा कि जब आपके राजनीतिक सहयोगियों को सिद्धिविनायक मंदिर के दानपेटी लूटते हुए पकड़ा गया, तो आपने उस समय जांच का आदेश क्यों नहीं दिया?
उन्होंने आगे कहा कि मेरे पास आपके (उद्धव ठाकरे के) कार्यकाल में हुए कुप्रबंधन के दस्तावेजी प्रमाण हैं।
–आईएएनएस
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