तेलंगाना में शर्मनाक घटना: अस्पताल ने नहीं दिया वाहन, परिजनों ने कंधों पर उठाया शव

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हैदराबाद, 25 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले के भद्राचलम में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। सरकारी अस्पताल की ओर से शव वाहन उपलब्ध नहीं कराए जाने पर एक परिवार को अपने रिश्तेदार का शव कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, कांडी वेंकन्ना (45) हीटस्ट्रोक के कारण भद्राचलम के सरकारी अस्पताल में भर्ती थे। इलाज के दौरान रविवार रात उनकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने शव को ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं की। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं…

हैदराबाद, 25 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले के भद्राचलम में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। सरकारी अस्पताल की ओर से शव वाहन उपलब्ध नहीं कराए जाने पर एक परिवार को अपने रिश्तेदार का शव कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, कांडी वेंकन्ना (45) हीटस्ट्रोक के कारण भद्राचलम के सरकारी अस्पताल में भर्ती थे। इलाज के दौरान रविवार रात उनकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने शव को ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं की। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था, जिसके चलते परिजनों को शव को कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा।

इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सोमवार को मामले की जांच के आदेश दिए।

घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासन की जमकर आलोचना हो रही है। विपक्षी दलों ने भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता टी. हरीश राव ने कहा, “क्या यही वह ‘प्रजा पालना’ (जनता का शासन) है, जिसका लोगों से वादा किया गया था?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में तेलंगाना की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत बेहद चिंताजनक और दुखद हो गई है।

हरीश राव ने एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए कहा कि तंदूर में एक गरीब गर्भवती महिला को रेलवे प्लेटफॉर्म पर बच्चे को जन्म देना पड़ा, क्योंकि 108 एंबुलेंस सेवा ने कथित तौर पर बार-बार कॉल करने के बावजूद मदद नहीं पहुंचाई।

उन्होंने कहा, “भद्राचलम में एक गरीब परिवार को अपने रिश्तेदार का शव कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा, क्योंकि अस्पताल कथित तौर पर शव वाहन तक उपलब्ध नहीं करा सका।”

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने कहा कि यह घटना बताने के लिए काफी है कि कांग्रेस शासन में तेलंगाना की स्थिति कितनी खराब हो गई है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “जीते जी कोई सहारा नहीं और मौत के बाद भी सम्मान नहीं। कांग्रेस सरकार ने तेलंगाना को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है।”

रामाराव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के कार्यकाल में गरीबों के अंतिम संस्कार के लिए विशेष वाहन उपलब्ध कराए जाते थे, ताकि उनकी अंतिम यात्रा सम्मानपूर्वक हो सके।

उन्होंने कहा, “यह मानवता थी… लोगों की गरिमा की रक्षा का संकल्प था। लेकिन आज कांग्रेस शासन में परिवारों को खुद शव कंधों पर ढोना पड़ रहा है, जो तेलंगाना के स्वाभिमान पर धब्बा है।”

तेलंगाना रक्षा सेना (टीआरएस) की नेता के. कविता ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह गरीबों के प्रति रेवंत रेड्डी सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हीटवेव से जान गंवाने वाले व्यक्ति के शव को ले जाने के लिए भी अस्पताल प्रशासन ने शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया।

कविता ने कहा, “यह पढ़कर दिल दहल जाता है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक शव को कंधों पर उठाकर ले गया।”

उन्होंने इस घटना के लिए रेवंत रेड्डी सरकार को नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

–आईएएनएस

डीएससी

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