प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) दिवस के मौके पर विदेश सेवा से जुड़े अधिकारियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने देश सेवा एवं वैश्विक स्तर पर राष्ट्रीय हितों को आगे ले जाने में उनकी भूमिका की सराहना भी की।
आईएफएस भारतीय सिविल सेवकों की वाहिनी है, जो विदेश मंत्रालय में सेवारत होते हैं और राजनयिकों के रूप में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।
नौ अक्टूबर, 1946 को स्थापित आईएफएस ने शुक्रवार को अपने 74 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा, आईएफएस दिवस के मौके पर मैं सभी भारतीय विदेश सेवा अधिकारियों को बधाई देता हूं। देश सेवा में उनका कार्य और दुनियाभर में राष्?ट्रीय हितों को मजबूत करने के लिए उनकी सेवाएं सराहनीय हैं। वंदे भारत मिशन के दौरान उनके प्रयास और कोविड के समय हमारे और दूसरे देशों के नागरिकों की मदद के प्रयास स्?मरणीय हैं।
विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि आजादी के बाद से पिछले सात दशकों में आईएफएस ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एवं आज के आधुनिक राष्ट्र के रूप में देखा है।
मंत्रालय ने कहा कि यह देश की रक्षा की पहली पंक्ति के रूप में काम करता है और यह विदेशों में देश के आर्थिक हितों को देखने के साथ ही भारत की जीवंत संस्कृति को भी दशार्ता है।
मंत्रालय ने कोरोना महामारी के दौरान राजनयिकों की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना भी की।


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