आईजीआरएस की अप्रैल की रिपोर्ट में रामपुर ने फिर मारी बाजी

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लखनऊ, 10 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 138 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि पीलीभीत ने दूसरा और श्रावस्ती के साथ अमेठी ने बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। आईजीआरएस द्वारा हर…

लखनऊ, 10 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है।

इसी कड़ी में आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 138 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि पीलीभीत ने दूसरा और श्रावस्ती के साथ अमेठी ने बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है।

आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 138 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 98.57 प्रतिशत है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। बता दें कि रामपुर पिछले चार माह से पहले स्थान पर है। पीलीभीत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में लगातार सुधार हो रहा है। पीलीभीत लगातार चार माह से प्रदेश में दूसरा स्थान बनाए हुए है।

आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में भी पीलीभीत पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसका रेश्यो 97.86 प्रतिशत है। इसी तरह श्रावस्ती ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त है। इसका रेश्यो 97.14 प्रतिशत है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णां गर्ग ने बताया कि विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है।

साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टीपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। इसी तरह अमेठी ने भी 136 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं हाथरस, बरेली, हमीरपुर, बदायूं, बाराबंकी और बलिया ने टॉप टेन जिलों में जगह बनायी है।

–आईएएनएस

विकेटी/एएस

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