Illegal Bangladeshi Arrested in Gujrat : गुजरात में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की है। पूरे राज्य में ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के तहत पुलिस ने अब तक 362 बांग्लादेशी घुसपैठियों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही करीब 782 अन्य संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान का काम तेजी से चल रहा है। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी खुद राज्य का गृह विभाग कर रहा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पकड़े गए लोगों में 103 पुरुष, 188 महिलाएं और 71 बच्चे शामिल हैं। पुलिस ने सबसे बड़ी कार्रवाई अहमदाबाद में की है, जहां से 166 लोगों को पकड़ा गया है। इसके बाद सूरत से 84 और सौराष्ट्र-कच्छ के इलाकों से 51 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
Illegal Bangladeshi Arrested : अवैध नेटवर्क को तोड़ने के लिए बना बड़ा डेटाबेस

गुजरात पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए एक खास डेटाबेस तैयार किया गया है। इसमें उन भारतीय मोबाइल नंबरों को खंगाला गया, जिनसे लगातार बांग्लादेश के नंबरों पर बातचीत की जा रही थी। इस तकनीकी पड़ताल के जरिए पुलिस के हाथ 6200 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान हाथ लगी है। इसी डेटा के आधार पर पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर शरद सिंघल ने बताया कि पकड़े गए 166 लोगों में से बड़ी तादाद में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने फर्जी तरीके से भारत के आधिकारिक पहचान पत्र [Omitted] बनवा लिए थे। पुलिस अब इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि इन घुसपैठियों को ये सरकारी दस्तावेज मुहैया कराने के पीछे किन स्थानीय एजेंटों का हाथ था।
300 Bangladeshi Arrested : पश्चिम बंगाल के रास्ते एंट्री, 30 टीमों ने घेरा
इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अहमदाबाद पुलिस की 30 विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया था। इसमें क्राइम ब्रांच, साइबर सेल, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय थानों के जवान शामिल थे। टीमों ने नरोदा, दानिलिमदा, वटवा, जुहापुरा और चंदोला झील जैसे संवेदनशील इलाकों की घेराबंदी करके तलाशी ली।
पुलिस के मुताबिक, चंदोला झील के पास पिछले साल भी ऐसी ही कार्रवाई हुई थी। उस वक्त पुलिस के डर से कई लोग इलाका छोड़कर भाग गए थे और अहमदाबाद के दूसरे हिस्सों में छिपकर रहने लगे थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि इनमें से ज्यादातर घुसपैठियों ने कई साल पहले पश्चिम बंगाल की सीमा के रास्ते भारत में एंट्री की थी। वहां सक्रिय दलालों की मदद से शुरुआती फर्जी कागजात तैयार कराए और फिर गुजरात आ गए।
कमाई भेजने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल

जांच के दौरान पुलिस को इन संदिग्धों के वित्तीय लेन-देन की भी अहम जानकारियां मिली हैं। पकड़े गए लोग यहां मजदूरी और छोटे-मोटे काम करते थे। अपनी कमाई को बांग्लादेश भेजने के लिए ये लोग कोलकाता के बिचौलियों और कुछ मोबाइल ऐप्लीकेशन्स का सहारा ले रहे थे। पुलिस अब इन बैंकिंग चैनलों और ऐप रूट की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।
मददगारों पर भी गिरेगी गाज- हर्ष संघवी
इस कार्रवाई पर राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि गुजरात के हर हिस्से से एक-एक घुसपैठिए को ढूंढ निकाला जाएगा। उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस बांग्लादेश डिपोर्ट (निर्वासित) किया जाएगा। संघवी ने साफ किया कि पुलिस सिर्फ घुसपैठियों को ही नहीं पकड़ रही, बल्कि उन्हें पनाह देने वाले, नौकरी पर रखने वाले और फर्जी सिम कार्ड या वोटर आईडी कार्ड जैसे दस्तावेज बनवाने वाले स्थानीय मददगारों को भी नहीं बख्शा जाएगा।


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