इमरान मसूद का भाजपा पर निशाना, बोले-धर्म नहीं, शिक्षा होनी चाहिए देश की सबसे बड़ी प्राथमिकता

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नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शुक्रवार को केंद्र और भाजपा सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए शिक्षा को देश की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। उन्होंने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि 2004 से 2014 के बीच सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति के लिए देश को कमजोर किया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि निशिकांत दुबे को ऐसी बयानबाजी करने के बजाय नीति आयोग की रिपोर्ट पढ़नी चाहिए।…

नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शुक्रवार को केंद्र और भाजपा सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए शिक्षा को देश की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। उन्होंने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि 2004 से 2014 के बीच सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति के लिए देश को कमजोर किया।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि निशिकांत दुबे को ऐसी बयानबाजी करने के बजाय नीति आयोग की रिपोर्ट पढ़नी चाहिए। रिपोर्ट में देश में बड़ी संख्या में स्कूल बंद होने पर चिंता व्यक्त की गई है।

मसूद ने दावा किया कि देशभर में करीब 92,000 स्कूल बंद हो चुके हैं, जो बेहद गंभीर विषय है। सरकार को शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है, न कि समाज को विभाजित करने वाले बयानों पर ध्यान देना चाहिए। छात्र किसी धर्म के नहीं होते, शिक्षा सबके लिए समान रूप से जरूरी है।

असम सरकार के बजट प्रस्ताव, जिसमें एक से अधिक शादियां (बहुविवाह) करने वाले लोगों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं देने की बात कही गई है, उस पर भी इमरान मसूद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी सामाजिक समस्याओं का स्थायी समाधान शिक्षा है। उनका कहना था कि यदि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी तो समाज में इस तरह की कुरीतियां स्वतः कम होंगी।

उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के शिक्षा संबंधी दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है और सरकार को प्राथमिक विद्यालयों को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पांच महीने में दूसरी बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी की गई गाइडलाइन पर भी कांग्रेस सांसद ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सबसे पहले लोगों को शिक्षित करना जरूरी है। देश में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह मुफ्त होनी चाहिए, ताकि हर नागरिक को समान अवसर मिल सके।

मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भाजपा का टिकट नहीं मिलने के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि “जैसी करनी, वैसी भरनी।” उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी विधायक की सदस्यता जबरन रद्द कराई जाती है, तो उसके राजनीतिक परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं।

–आईएएनएस

एसएके/वीसी

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