इंदौर, 11 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की प्राथमिक स्तर की स्कूली शिक्षा में आ रहे सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में प्राथमिक स्कूली शिक्षा स्तर पर ड्रॉप-आउट दर शून्य है।
मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में हिन्द रक्षक पुण्योदय प्रकल्प के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि शिक्षा ही समाज में परिवर्तन लाने का सबसे बड़ा और सशक्त माध्यम है। हमारी सरकार बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए संकल्पित है। बच्चे खूब पढ़ें, लिखें, और जीवन में आगे बढ़ें। इसके लिए हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों को आधुनिक तरीके से गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। सांदीपनी विद्यालय, पीएमश्री स्कूल, और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में प्रदेश में शिक्षा की त्रिवेणी बन रही है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने प्राथमिक स्कूली शिक्षा स्तर पर ड्रॉप-आउट दर को शून्य करने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। वहीं, सांदीपनि विद्यालय मॉडल की पूरे देश में सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में हमारे सरकारी विद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सरकारी विद्यालयों का रिजल्ट प्राइवेट विद्यालयों से बेहतर रहा।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष बोर्ड के परीक्षा परिणामों में हमारे सांदीपनी विद्यालयों के 58 विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजनीति से ज्यादा राष्ट्रहित सर्वोपरि एवं राष्ट्र प्रथम की नीति को केंद्र में रखते हुए समाज सुधार और लोगों को प्रेरित करने वाले अनेक कार्य हो रहे हैं। हिंद रक्षक संगठन के संस्थापक और जननेता स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ (लखन दादा) युवा शक्ति के प्रेरणा स्त्रोत थे।
उन्होंने समाज की बेहतरी के लिए तत्कालीन सरकार के कुशासन के खिलाफ आवाज उठाई, मुझे भी उनका सहयोगी बनने का सौभाग्य मिला।
–आईएएनएस
एसएनपी/डीकेपी
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