BRICS बैठक में भारत करेगा ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का प्रदर्शन

Summary :

भारत ब्रिक्स बैठक में दिखाएगा ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति

भारत ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में अपनी ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों को पेश करेगा। यह बैठक ब्राजील में 19 मई को होगी। भारत की प्रगति में बिजली उत्पादन क्षमता में 90% वृद्धि, रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन पर ध्यान केंद्रित है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

भारत ब्रिक्स के ऊर्जा मंत्रियों की आने वाली बैठक में अपने पावर और एनर्जी सेक्टर की उपलब्धियों को दिखाएगा। यह बैठक 19 मई को ब्राजील में होगी। ऊर्जा मंत्रालय ने शनिवार को यह बयान दिया।

केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

इस बैठक की थीम ‘इमपावरिंग ग्लोबल साउथ कॉरपोरेशन फॉर इनक्लूसिव एवं सस्टेनेबल ग्लोबल गवर्नेंस’ है।

मंत्रालय ने बताया, “यह मंच ऊर्जा सुरक्षा, पहुंच, सामर्थ्य और स्थिरता जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए ब्रिक्स देशों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के ऊर्जा मंत्रियों को एक साथ लाएगा।”

भारत पिछले दशक की अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए इस मंच का उपयोग करने की योजना बना रहा है।

इन उपलब्धियों में बिजली उत्पादन क्षमता में 90 प्रतिशत की वृद्धि, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोफ्यूल में प्रगति के साथ-साथ सस्टेनेबल एनर्जी प्रैक्टिस में इनोवेशन शामिल हैं।

यह अंतरराष्ट्रीय बैठक ऐसे समय पर हो रही है, जब भारत ने न्यूक्लियर एनर्जी को लेकर महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

पिछले महीने विद्युत मंत्रालय की एक बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि सरकार ‘विकसित भारत’ दृष्टिकोण के तहत 2047 तक न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

भारत में वर्तमान में 8,880 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता वाले 25 न्यूक्लियर रिएक्टर संचालित हैं।

6,600 मेगावाट वाले आठ और रिएक्टर निर्माणाधीन हैं, और अतिरिक्त 10 रिएक्टर (7,000 मेगावाट) प्री-प्रोजेक्ट स्टेज में हैं।

न्यूक्लियर एनर्जी पर जोर भारत के 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें न्यूक्लियर एनर्जी, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी का उपयोग बिजली उत्पादन से परे – हाइड्रोजन उत्पादन और स्पेस हीटिंग आदि के लिए भी किया जा सकता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से कांपा पाकिस्तान! सुरंग में शिफ्ट हो रहा PAK सेना का हेडक्वार्टर

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.