चीन के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार इस मामले में विपक्ष से बंद कमरे में बातचीत कर सकती है। सरकार ने इस मसले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने को लेकर अनिच्छा जाहिर की। सरकार का कहना है कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा कराना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक अगर इस मामले पर बात करने की जरूरत पड़ी तो विपक्षी नेताओं के साथ वह बंद कमरे में बातचीत करेंगे।
हालांकि सरकार ने विपक्षी दलों के साथ बातचीत को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। लेकिन जरूरत पड़ने पर ऐसा किया जा सकता है। एक नेता ने कहा कि “एक वरिष्ठ मंत्री ने मुझे यह कहने के लिए बुलाया था कि यदि वे सहमत होते हैं तो सरकार अलग-अलग दलों के नेताओं के लिए एक संक्षिप्त बैठक के बारे में सोच रही है। प्रस्ताव पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस तरह की बैठक की उपयोगिता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा “यदि समाचार पत्र चर्चा कर सकते हैं, सार्वजनिक चर्चा कर सकते हैं और बाकी सभी लोग चर्चा कर सकते हैं, तो भारतीय संसद ऐसी स्थिति पर चर्चा क्यों नहीं कर सकती है?”
बता दें, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत-चीन सीमा स्थिति पर मंगलवार को लोकसभा में एक बयान दिया, लेकिन विपक्षी नेताओं को किसी भी स्पष्टीकरण की अनुमति नहीं दी गई। अधीर रंजन चौधरी और शशि थरूर सहित नाराज कांग्रेस नेताओं ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने धरना दिया।


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