ISI समर्थित शहज़ाद भट्टी नेटवर्क UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित, 14 राज्यों से 200 से अधिक गिरफ्तार

Summary :

केंद्र सरकार ने शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को कड़े आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित कर दिया है।

MHA declares Shahzad Bhatti Network terrorist organisation

MHA declares Shahzad Bhatti Network terrorist organisation : पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की शह पर देश में पैर पसार रहे गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी के सिंडिकेट पर गृह मंत्रालय ने करारा प्रहार किया है। केंद्र सरकार ने शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को कड़े आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित कर दिया है।

स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले इस गिरोह की किसी बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए 14 राज्यों से 200 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम के आधार पर राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर 12 अगस्त को चलाए गए बड़े ऑपरेशन के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।

पाकिस्तानी ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मुहर वाले विस्फोटक बरामद

MHA declares Shahzad Bhatti Network terrorist organisation

गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, देश भर में चलाए गए छापों में भारी मात्रा में खतरनाक हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं। इनमें आईईडी, हैंड ग्रेनेड जिन पर पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के मार्क छपे हुए हैं पिस्तौल, कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं।

गृह मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में कहा है, शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन)’ एक ऐसा संगठन है जिसका उद्देश्य देश के भोले-भाले युवाओं और स्थानीय अपराधियों को सम्मानित करके सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों, नशीले पदार्थों की तस्करी  और आतंकवादी गतिविधियोंके माध्यम से देश के लोकतान्त्रिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

पैसे का लालच देकर कराता था जासूसी

जांच में खुलासा हुआ है कि सीमा पार से हथियार और ड्रग्स की तस्करी के अलावा यह नेटवर्क गुमराह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को पैसों का लालच देकर अपनी गिरफ्त में लेता था।

आरोपी शहज़ाद भट्टी युवाओं को मामूली रकम देकर सुरक्षा संस्थानों, पुलिस बेस, रक्षा ठिकानों और धार्मिक स्थलों के पास सोलर-पावर्ड सीसीटीवी कैमरे लगवाता था, ताकि संवेदनशील जगहों की सीधी निगरानी पाकिस्तान से की जा सके।

अधिसूचना में लिखा हुआ है कि, एसबीएन जिन डिजिटल संचार माध्यमों का उपयोग करके भड़काऊ संदेशों को
प्रसारित करने और लोक व्यवस्था को भंग करने लिए हिंसक क्रियाकलापों के माध्यम से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है जो देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।

इसके अलावा पेट्रोल बम फेंकने और रेकी करने के लिए भी स्थानीय युवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह नेटवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नफरती कंटेंट फैलाकर भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सौहार्द को चोट पहुंचाने में जुटा था।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।