इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू 6 दिनों के लिए भारत दौरे पर आए हैं। पीएम नेतन्याहू इस दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी को एक खास तोहफा भी देंगे। ये तोहफा प्रधानमंत्री नेतन्याहू के रवाना होने से पहले ही भेज दिया गया था। आइए जानते हैं क्या है वो तोहफा और क्या है खास बात।
सूत्रों के मुताबिक नेतन्याहू पीएम मोदी के लिए एक जीप लेकर आ रहे हैं और ये जीप कोई साधारण जीप नहीं है। ये वो जीप है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी के इजरायल दौरे के समय सवारी की थी। नेतन्याहू ने खुद इस जीप को चलाकर पीएम मोदी को ओलगा बीच की सैर करवाई थी।
जीप के बारे में खास बात ये है कि यह जीप समुद्र के खारे पानी को पीने लायक शुद्ध बना देती है। पीएम मोदी ने खुद इस जीप से साफ किए हुए पानी को पिया था और इसका नमूना भी देखा गया था। इजरायल से भारत आने वाली इस जीप से भारत पानी की कुछ दिक्कत दूर कर सकता है। इस जीप की कीमत 3.9 शेकेल है। भारतीय मुद्रा के मुताबिक इसकी कीमत 70 लाख रुपए है। यह जीप खारे पानी को पीने योग्य बनाती है। यह जीप जीएलमोबाइल की है।

यह जीप मोबाइल रुप में काम करती है। इसे कही भी ले जाया जा सकता है। इसे किसी एक स्थान पर सैटअप करने की आवश्यकता नहीं है। यह ऑटोमैटिक है जिससे इसका इस्तेमाल करना मुश्किल नहीं है। यह जीप बहुत आधुनिक है। इस जीप का कुल वजन 3395 पाउंड यानि 1540 किलो है। जिससे कि इसके ट्रांसपोर्ट में भी एकदम दिक्कत नहीं होती।

यह मशीन किसी भी जल स्त्रोत नदी, झील, महासागर, ब्रैकिश वॉटर, कुएं आदि से पानी ले सकती है। इस मशीन से जो पानी शुद्ध किया जाता है वो डब्ल्यूएचओ के मानकों पर खरा उतरता है। मशीन की सबसे खास बात ये है कि इस पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता। सेट अप होने के बाद ये खउद बिजली उत्पादन कर लेती है।
इस मशीन की ओर से शुद्ध किया गया पानी डब्ल्यूएचओ के मानकों पर खरा उतरता है, इसलिए इसे बेफिक्र होकर पीया जा सकता है.मशीन में ये खास बात है कि इसको सेट-अप करने के बाद इस पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता। यह मशीन खुद ही अपने लिए बिजली का उत्पादन कर लेती है। इस मशीन को किसी भी मौसम में काम में लिया जा सकता है और इसकी स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा है। पानी का साफ करने वाली इस मशीन को स्थापित करने में महज आधे घंटे का वक्त लगता है और दो आदमी ही इसे ऑपरेट कर सकते हैं।
इस मशीन में 265 गैलन (1000 लीटर) से 2650 गैलन तक पानी स्टोर किया जा सकता है।अगर इस मशीन की परिभाषा दें तो यह मशीन इजी टू स्टोर, इजी टू कैरी और शिप है। पिछले साल जुलाई में अपनी इज़रायल यात्रा के दौरान मोदी ने नेतन्याहू के साथ इस जीप में बैठकर भूमध्य सागर के तट की सैर की थी। उन्होंने इस जीप से खारे पानी को पीने लायक बनाने का नमूना भी देखा था।
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