IT मंत्री ने दी गुड न्यूज़, भारत को जल्द मिलेगा अपना पहला सेमीकंडक्टर चिप

Summary :

भारत को जल्द मिलेगी सेमीकंडक्टर चिप, IT मंत्री ने दी खुशखबरी

भारत के IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि देश अपना पहला स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप इस साल के अंत तक तैयार कर लेगा। पांच यूनिट्स इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं और इसे टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान स्थित PSMC की सहायता से डेवलप किया जा रहा है। यह चिप गुजरात के धोलेरा फैब्रिकेशन प्लांट में बनाई जा रही है।

भारत के लोगों ले लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। खबर है कि भारत को अपना पहला सेमीकंडक्टर चिप मिलने वाला है। इसके लिए भारत सेमीकंडक्टर चिप को लेकर एक्शन मोड में है। इसी बीच भारत के IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि भारत अपना पहला स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप इस साल के अंत तक तैयार कर लेगा.

पांच यूनिट्स काम कर रही

IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर चिप के प्रोडक्शन के लिए पांच यूनिट्स काम कर रही है। इससे जुड़ी तमाम काम भी अपने तय समय पर हो रहा है। उन्होंने आगे बताया कि सरकार के महत्वाकांक्षी योजना सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान स्थित PSMC की सहायता से डेवलप किया जा रहा है। इस चिप को गुजरात के धोलेरा फैब्रिकेशन प्लांट में डेवलप किया जा रहा है।

सेमीकंडक्टर का काम क्या है?

सेमीकंडक्टर एक ऐसा पदार्थ है जो बिजली धाराओं को कंट्रोल करता है। कुछ परिस्थितियों में यह बिजली सप्लाई करने देता है। कुछ परिस्थितियों में नहीं, जिससे वे बिजली उपकरणों में करंट को कंट्रोल करने में सक्षम होते हैं। बता दें कि सेमीकंडक्टर चिप कई प्रकार की होती है। जैसे माइक्रोप्रोसेसर, मेमोरी चिप्स, ग्रैफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट आदि।

76 हजार करोड़ रूपये होंगे खर्च

जानकारी के लिए बताते चले कि जब भारत को अपना सेमीकंडक्टर चिप मिल जायेगा तब भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम रखेगी। सेमीकंडक्टर चीफ डेवलप करने में कई चुनिंदा देशों का नाम हमेशा आगे रहा है। इसी बीच भारत भी साल 2025 के अंत तक अपना पहला सेमीकंडक्टर चिप लांच करेगा। इसे डेवलप करने के लिए भारत सरकार ने साल 2021 में 76 हजार करोड़ रूपये का बजट पास किया था।

केंद्र सरकार ने तीन बड़ी परियोजनाओं को दी मंजूरी, PM मोदी ने की सराहना

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।