झारखंड में देवेंद्र नाथ महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा पर झामुमो ने दिया जवाब, एमएमडीआर एक्ट का विरोध

Summary :

रांची, 23 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने देवेंद्र नाथ महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। सरकार उन्हें बल या ऐसी किसी चीज से नहीं रोकेगी। साथ ही, झामुमो प्रवक्ता ने एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 का विरोध किया। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने देवेंद्र नाथ महतो की यात्रा पर कहा, “उन्हें करने दो। उन्हें कौन रोक रहा है? यह लोकतंत्र है। उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। सरकार…

रांची, 23 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने देवेंद्र नाथ महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। सरकार उन्हें बल या ऐसी किसी चीज से नहीं रोकेगी। साथ ही, झामुमो प्रवक्ता ने एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 का विरोध किया।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने देवेंद्र नाथ महतो की यात्रा पर कहा, “उन्हें करने दो। उन्हें कौन रोक रहा है? यह लोकतंत्र है। उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। सरकार उन्हें फोर्स या ऐसी किसी चीज से नहीं रोकेगी। उन्हें प्रदर्शन और लोकतांत्रिक तरीकों से अपने मुद्दे उठाने चाहिए।”

इसी बीच, छात्रों के खिलाफ पुलिस एक्शन पर मनोज पांडे ने कहा, “जो लोग गलत हरकतें करेंगे, उन्हें कानून का सामना करना पड़ेगा। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। लोगों को छात्र कहकर गुमराह करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उनमें कुछ ही छात्र हैं। वे गुमराह स्टूडेंट्स हैं।”

आंदोलन को लेकर झामुमा प्रवक्ता ने कहा, “अब कहीं कोई आंदोलन नहीं है। उस दिन जिस जल्दबाजी में उन्होंने पुतला जलाया, उसका छात्रों के एक बड़े गुट ने विरोध किया था। कुछ नेता भी यह बात समझते थे। उन्हें इसी जिले में यह करना था, लेकिन जब आपने हालात देखे, तो कई जगहों पर उन्हें छात्र भी नहीं मिले। इसलिए, कहीं कोई आंदोलन नहीं है। पूरा मामला अब पूरी तरह से खत्म हो गया है।”

एमएमडीआर संशोधन अधिनियम-2026 पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, “यह एक काला कानून है। केंद्र का एक काला कानून राज्यों पर थोपा गया है। इसका विरोध होगा और यह हर लेवल पर होगा। यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक विरोध है। यह तो शुरुआत है। पूरे झारखंड में आपको पोस्टर और नारे दिखेंगे। यह संदेश अब झारखंड के लोगों, गरीब, पिछड़े, आदिवासी और मूलनिवासी समुदायों के दिलों तक पहुंच गया है कि केंद्र सरकार के एक तानाशाही फैसले की वजह से ‘मैया सम्मान योजना’ और ‘अबुआ आवास योजना’ बंद होने की कगार पर है।”

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वो पैसा नहीं देती थी। राज्य सरकार अपनी खरीद पर सेस लगाती थी। यह राज्य का अधिकार था। उसे बंद कर दिया गया, ताकि ‘मैया सम्मान योजना’ और ‘अबुआ आवास योजना’ बंद हो जाए।

–आईएएनएस

डीसीएच/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.