नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने काबुल में पाकिस्तान की ओर से किए गए कथित हवाई हमले की कड़ी निंदा की। इस एयर स्ट्राइक में 400 से ज्यादा आम लोग मारे गए और कम से कम 250 घायल हुए। इनमें एक पुनर्वास केंद्र में मौजूद मरीज भी शामिल हैं।
सांसद रूहुल्लाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”ऐसी कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए और संघर्षों के दौरान आम नागरिकों की जान की बलि कभी नहीं दी जानी चाहिए। ऐसी त्रासदियों के सामने चुप्पी साधना और अधिक अन्याय को बढ़ावा देता है। वैश्विक समुदाय को इससे आंखें नहीं फेरनी चाहिए।”
वहीं, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (आईएचआरएफ) ने इस घटना की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बयान में कहा गया, “इलाज, पुनर्वास और मानवीय देखभाल के लिए समर्पित संस्थानों को कभी भी किसी संघर्ष या सुरक्षा कार्रवाई में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। ऐसे संस्थानों में मरीज समाज के सबसे कमजोर वर्गों में से आते हैं जो मदद, सम्मान और अपनी जिंदगी को फिर से बनाने के लिए आए थे। हमें यह जानकर गहरा दुख हुआ।”
वहीं, भारत ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान के आक्रमण का घिनौना काम अफगानिस्तान की आजादी पर भी एक खुला हमला है और यह इलाके की शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह पाकिस्तान के लगातार लापरवाह बर्ताव और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा की बढ़ती हताशाजनक हरकतों के जरिए अंदरूनी नाकामियों को बाहर दिखाने की उसकी बार-बार की कोशिशों को दिखाता है।”
मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि जो बात इस हमले को ज्यादा निंदनीय बनाती है, वह यह है कि इस्लामाबाद ने रमजान के दौरान अफगानिस्तान पर हमला किया, जो दुनिया भर के मुसलमानों के लिए एक पवित्र महीना है और शांति, सोच-विचार और रहम का समय है।
इसमें कहा गया, “कोई भी धर्म, कोई भी कानून और कोई भी नैतिकता किसी अस्पताल और उसके मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाने को सही नहीं ठहरा सकती।”
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वे इस आपराधिक काम के दोषियों को जिम्मेदार ठहराएं और यह सुनिश्चित करें कि पाकिस्तान द्वारा अफगान नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाना बिना किसी देरी के बंद हो।
–आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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