नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया निवेश मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदम्बरम के बेटे कार्ति चिदम्बरम को आज भी कोई राहत नहीं दी। शीर्ष अदालत ने कार्ति के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से जारी लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 सितम्बर की तारीख तय करते हुए कहा कि लुकआउट सर्कुलर फिलहाल जारी रहेगा। सीबीआई ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि कार्ति के खिलाफ जांच जारी है। उनकी विदेशों में करीब 25 संपत्तियां हैं और जांच अभी नाजुक दौर में है इसलिए लुक आउट सर्कुलर पर किसी तरह की रोक नही लगायी जाये।
उधर कार्ति की ओर से दलील दी गयी कि सीबीआई जांच के नाम पर उन्हें, उनके पिता और मां को प्रताड़ति किया जा रहा है। सीबीआई के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। याचिकाकर्ता की दलील थी कि उनकी एवं उनके परिवार की सारी संपत्तियों का ब्योरा आयकर विभाग के पास है। अगर विदेशों में उनकी कोई भी संपत्ति है तो उसे सरकार जब्त कर ले। इन आरोपों का लुक आउट सर्कुलर से कोई लेना देना नहीं होना चाहिए।
कार्ति के खिलाफ पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी के मीडिया समूह आईएनएक्स को नियमों को ताक पर रखकर विदेशी फंड मुहैया कराने का आरोप है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पिता के केंद्रीय वित्त मंत्री के पद पर रहते हुए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से निवेश की मंजूरी दिलायी थी।


Download Android App
Download iOS App



