अपने वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल ने सरकार की उस घोषणा पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया है कि नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए वायु सेना के विमान और बुलेटप्रूफ वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक की असली वजह को नहीं रोका गया तो केवल परिवहन के तरीके बदलने से कोई फायदा नहीं होगा। उनका तर्क था कि दुनिया के कई देशों में बड़ी परीक्षाएं आयोजित होती हैं, लेकिन वहां इस तरह के उपायों की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने इसे वास्तविक समाधान की जगह दिखावे की राजनीति बताया।
Kejriwal on NEET Exam Paper Leak: शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत
केजरीवाल ने कहा कि किसी भी जिम्मेदार सरकार का पहला काम यह पता लगाना होना चाहिए कि आखिर पेपर लीक कहां से हो रहा है और उसके पीछे कौन लोग हैं। यदि लीक के स्रोत को ही बंद नहीं किया जाएगा तो समस्या लगातार बनी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की खामियों को दूर करने के बजाय केवल ऐसे कदमों की घोषणा कर रही है, जिनसे समस्या का मूल कारण प्रभावित नहीं होता। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
शिक्षा माफिया के प्रभाव का आरोप
AAP प्रमुख ने दावा किया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़े माफिया का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार छात्रों को अपनी मेहनत के अनुरूप परिणाम नहीं मिलते और जब वे आवाज उठाते हैं तो उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है। केजरीवाल के अनुसार, शिक्षा से जुड़े कई मामलों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन उन पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं होती। इससे छात्रों का भरोसा कमजोर होता है और उनके भविष्य पर भी असर पड़ता है।
छात्र वेदांत के मामले का किया जिक्र
अपने संदेश में उन्होंने छात्र वेदांत का उदाहरण भी दिया। केजरीवाल ने कहा कि छात्र ने आरोप लगाया था कि उसकी उत्तर पुस्तिका किसी दूसरे छात्र की कॉपी से बदल दी गई, जिसके कारण उसे अपेक्षा से कम अंक मिले। उन्होंने कहा कि जब छात्र ने अपनी शिकायत सोशल मीडिया पर साझा की तो उसकी समस्या का समाधान करने के बजाय कई लोगों ने उसे निशाना बनाना शुरू कर दिया। इससे एक छात्र पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है, जबकि उसकी शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
केजरीवाल ने कहा कि यदि कोई छात्र अकेले अपनी समस्या उठाता है तो उसके लिए न्याय पाना मुश्किल हो जाता है। उनका आरोप है कि व्यवस्था में मौजूद प्रभावशाली लोग ऐसे मामलों को दबाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल वेदांत ही नहीं, बल्कि कई अन्य छात्र भी अपनी परेशानियां सामने ला चुके हैं। ऐसे मामलों में छात्रों को डराने या बदनाम करने के बजाय उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
मिलकर आवाज उठाने की अपील
अरविंद केजरीवाल ने छात्रों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग मिलकर पारदर्शी और निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली की मांग करेंगे, तभी सरकार पर प्रभावी कदम उठाने का दबाव बनेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा या अंकों का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से मुक्त करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
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