तिरूवनंतपुरम : केरल भाजपा ने राज्य के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन पर प्रधानमंत्री पर राज्य को ‘‘ लगातार नजरंदाज ’’ करने का आरोप लगाने को लेकर आज निशाना साधा और कहा कि उनका बयान नरेंद्र मोदी के प्रति उनकी ‘‘ नफरत ’’ के चलते आया है। भाजपा ने इसके साथ ही विजयन से यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि केंद्र की इस दक्षिणी राज्य के प्रति क्या ‘ शत्रुता ’ है। विजयन के इस बयान का उल्लेख करते हुए कि राज्य के एक प्रतिनिधिमंडल को पीएमओ की ओर से मिलने का समय नहीं दिया गया , वरिष्ठ भाजपा नेता ओ राजगोपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री माकपा की केंद्रीय समिति की बैठक में हिस्सा लेने के लिए गए थे। भाजपा के एकमात्र विधायक राजगोपाल ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय कोई ऐसी जगह नहीं है जहां कोई भी व्यक्ति जब मर्जी करे जा सकता है। राजगोपाल ने कहा , ‘‘ विजयन का यह बयान आधारहीन है कि मोदी की केरल के प्रति राजनीतिक शत्रुता है और वह राज्य को लगातार नजरंदाज कर रहे हैं। ऐसे बयान के पीछे (का कारण) मोदी के लिए उनकी नफरत है। ’’ विजयन ने कल आरोप लगाया था कि केंद्र देश के संघीय ढांचे पर ‘ ध्यान नहीं दे रहा है। ’
उन्होंने कहा था कि ‘‘ प्रधानमंत्री केरल को नजंरदाज कर रहे हैं। केरल की मांगों पर केंद्र द्वारा ध्यान नहीं देने के चलते राज्य में कई उद्योग धराशायी हो रहे हैं। केरल के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की अनुमति मांगी थी ताकि वह राज्य की खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए कम राशन आवंटन को लेकर अपनी शिकायतें प्रेषित कर सके। उन्हें इसके बजाय यह कहा गया कि वे संबंधित केंद्रीय मंत्री से मिलें। राजगोपाल ने कहा कि पीएमओ ने विजयन को केवल यह कहा था कि जो मुद्दा वह उठाना चाहते हैं उसे संबंधित केंद्रीय मंत्री देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का इरादा यदि केंद्र से राज्य के पक्ष में आश्वासन लेना होता तो वह निश्वित तौर पर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री से मिले होते।
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