Keralam fresh Flood : हर साल केरल में बाढ़ से जान माल को नुकसान पहुंचता है, इस बार भी बाढ़ के चलते केरल में इडुक्की और मलप्पुरम से बाढ़ ने बारी तबाही मचाही है। दक्षिण-पश्चिम में तेज मानसून से केरल के कई हिस्से बुरी तरह प्रभावित हैं। मूसलाधार बारिश के चलते राज्य के इडुक्की, मलप्पुरम और कोट्टायम जिलों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार मुन्नार-वट्टावडा क्षेत्र के कोट्टाकम्बूर में हुए हादसे में दो भाई-बहन की मौत के बाद, सोमवार को इडुक्की के आदिमाली स्थित पषमपल्लीचल में एक और भीषण भूस्खलन हुआ। गनीमत रही कि मलबे की चपेट में आने से ठीक पहले पांच परिवारों ने दूसरे मकान में शरण ले ली थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, एक मकान पूरी तरह तबाह हो गया। प्रभावित परिवारों को पलिसाक्कल्लू के एलपी स्कूल में बने राहत शिविर में शिफ्ट किया गया है।
मलप्पुरम में कोट्टाप्पुषा नदी का विकराल रूप
मलप्पुरम जिले के चोक्काड-निलंबूर इलाके में उफान पर आई कोट्टाप्पुषा नदी ने रविवार शाम भारी तबाही मचाई। अचानक आई तेज बाढ़ में कई लोग बह गए। एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दलों द्वारा चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सोमवार तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक लापता महिला की तलाश जारी है।
लोकल MLA आर्यदान शौकत के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा था। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन सोमवार को मलप्पुरम के टीके कॉलोनी पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि देंगे और हालात का जायजा लेंगे।
पर्यटकों के लिए अपील
इडुक्की जिले के प्रभारी मंत्री अनूप जैकब ने क्षेत्र में बारिश से हुई दो मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि घायल महिला की हालत फिलहाल स्थिर है। बिगड़ते मौसम और खिसकती पहाड़ियों को देखते हुए उन्होंने पर्यटकों से इडुक्की की यात्रा स्थगित करने का अनुरोध किया है।
जिला प्रशासन ने संवेदनशील ढलानों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रभावित जिलों में एसएमएस (SMS) अलर्ट के जरिए लोगों को ताजा स्थिति की जानकारी दी जा रही है।
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