तिरुवनंतपुरम, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल के विभिन्न हिस्सों में जारी लू की चेतावनी के मद्देनजर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच ‘सेल्फ-लॉकडाउन’ (स्वयं द्वारा लगाया गया लॉकडाउन) का आह्वान किया है।
आईएमडी ने आधिकारिक तौर पर पालक्काड, कोल्लम और त्रिशूर जिलों में लू की चेतावनी जारी की है, क्योंकि राज्य में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। वातावरण में उच्च आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) के कारण अन्य जिलों में भी गर्मी का प्रकोप बहुत ज्यादा महसूस हो रहा है। ऐसी स्थिति में हम सभी को अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है।
बढ़ती गर्मी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और यहां तक कि मृत्यु का कारण भी बन सकती है। इसलिए, सभी को निम्नलिखित सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच बाहर न निकलें। इस समय के दौरान सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें। इसे कोविड काल की तरह ही ‘सेल्फ-लॉकडाउन’ का समय मानें और अनावश्यक यात्रा तथा बाहरी कामों से बचें। घर के अंदर और कार्यस्थल पर हवा के उचित वेंटिलेशन (आवागमन) को सुनिश्चित करें।
प्यास न लगने पर भी भरपूर मात्रा में साफ पानी पिएं। ऐसे पेय पदार्थों से बचें जिनसे शरीर में पानी की कमी होती हो। पौष्टिक भोजन करना सुनिश्चित करें।
हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय छाता, जूते-चप्पल और धूप का चश्मा अवश्य पहनें।
बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं, हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, त्वचा रोग जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग और एल्बिनिज्म से पीड़ित लोगों को इस समय के दौरान बाहर निकलने से पूरी तरह बचना चाहिए।
सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच खुले स्थानों पर सार्वजनिक सभाओं और खेल आयोजनों की अनुमति नहीं है। त्योहारों के दौरान दिन के समय होने वाली परेड, हाथियों की परेड और आतिशबाजी से बचना चाहिए या उनका समय बदलना चाहिए। आग लगने की आशंका के प्रति विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए।
पालतू जानवरों और आवारा पशुओं के लिए पीने के पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्हें दिन के समय चरने के लिए बाहर न जाने दें। चूंकि अत्यधिक गर्मी में जानवर बेचैन हो सकते हैं, इसलिए जंगली जानवरों और आवारा कुत्तों के हमले की आशंका के प्रति भी सावधानी बरती जानी चाहिए।
श्रम विभाग ने दिन के समय बाहरी कामों से बचने के लिए काम के घंटों को पुनर्व्यवस्थित किया है। इसका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। दिन के समय होने वाले रोजगार सुरक्षा संबंधी कार्यों को पूरी तरह से रोक दिया गया है। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए पीने के पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा उनकी वर्दी में ढील देने के निर्देश जारी किए गए हैं। लू (सनस्ट्रोक) से निपटने के लिए अस्पतालों और एम्बुलेंस में, जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है।
स्थानीय निकायों, ‘कुटुम्बश्री’, स्वयंसेवी संगठनों और व्यापारियों को यात्रियों और आम जनता के लिए पीने का पानी और छाया उपलब्ध कराने हेतु आगे आना चाहिए।
यदि आपको थकान महसूस हो या लू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। यदि आप किसी अन्य व्यक्ति को परेशानी में देखें, तो उसे तुरंत छाया में ले जाएं, उसके शरीर को ठंडा करने का प्रयास करें और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएं।
–आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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