एनसीपी (एसपी) में अंदरूनी कलह की खबर के बीच प्रदेश अध्यक्ष पीसी चाको ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एनसीपी (एसपी) पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार में सहयोगी है।पार्टी के दो कद्दावरों के बीच की अदावत ने पार्टी की काफी फजीहत कराई थी। मंत्रिस्तरीय फेरबदल को लेकर लड़ रहे ए.के. ससीन्द्रन और थॉमस आपस में लड़ रहे थे।दरअसल, यह टकराव मंत्री पद को लेकर शुरू हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार की मंजूरी से पीसी चाको ने ससीन्द्रन को हटाकर थॉमस को मंत्री बनाने की गुजारिश की थी लेकिन मुख्यमंत्री पी. विजयन ने मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद से ही ससीन्द्रन गुट चाको से नाराज हो गया था।
ससीन्द्रन गुट ने 18 तारीख को बुलाई गई नेतृत्व बैठक में शामिल न होने का निर्णय लिया। इसके साथ ही बैठक स्थगित कर दी गई। इस बीच पार्टी में कुछ ऐसा हुआ जो अप्रत्याशित था। ससीन्द्रन और थॉमस ने हाथ मिला लिया। इसके बाद ससीन्द्रन गुट ने मांग की कि थॉमस को राज्य का अध्यक्ष बना दिया जाए। अलपुझा के कुट्टनाड विधानसभा क्षेत्र से जीतने वाले थॉमस पूर्व राज्य मंत्री थॉमस चांडी के भाई हैं। राज्य एनसीपी (एसपी) ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान कुट्टनाड विधानसभा क्षेत्र की सीट से थॉमस को टिकट थमाया था। यहां से उन्होंने आसानी से जीत हासिल की थी।
वहीं, 78 वर्षीय चाको चार बार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा सीट जीत चुके हैं और 2019 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़कर 2021 में एनसीपी में शामिल हो गए थे।थॉमस और ससीन्द्रन दोनों के हाथ मिलाने के बाद चाको के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। पूरी संभावना है कि चाको अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं और उनके कांग्रेस में लौटने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


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