लद्दाख की विलुप्त होती कला और विरासत को सहेजने की कोशिश, ‘सेक्रेड आर्ट ऑफ लद्दाख’ पुस्तक का अनावरण: विनय कुमार सक्सेना

Summary :

लेह, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लेह में श्रीकांत सोमानी की पुस्तक ‘सेक्रेड आर्ट ऑफ लद्दाख: फेडिंग ट्रेजर्स’ का अनावरण किया। पुस्तक में लद्दाख की बौद्ध कला, वास्तुकला, आध्यात्मिक परंपराओं और पवित्र विरासत स्थलों को विस्तार से दर्ज किया गया है। पुस्तक के अनावरण के अवसर पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि ऐसी रचना का अनावरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ‘सेक्रेड आर्ट ऑफ लद्दाख: फेडिंग ट्रेजर्स’ केवल तस्वीरों का संग्रह नहीं है, बल्कि लद्दाख की समृद्ध संस्कृति, कला, परंपरा और विरासत को संरक्षित करने की दिशा में…

लेह, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लेह में श्रीकांत सोमानी की पुस्तक ‘सेक्रेड आर्ट ऑफ लद्दाख: फेडिंग ट्रेजर्स’ का अनावरण किया। पुस्तक में लद्दाख की बौद्ध कला, वास्तुकला, आध्यात्मिक परंपराओं और पवित्र विरासत स्थलों को विस्तार से दर्ज किया गया है।

पुस्तक के अनावरण के अवसर पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि ऐसी रचना का अनावरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ‘सेक्रेड आर्ट ऑफ लद्दाख: फेडिंग ट्रेजर्स’ केवल तस्वीरों का संग्रह नहीं है, बल्कि लद्दाख की समृद्ध संस्कृति, कला, परंपरा और विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेजी प्रयास है। उन्होंने कहा कि यही विरासत इस क्षेत्र की आत्मा है।

सक्सेना ने बताया कि पुस्तक के अनावरण से पहले उन्होंने इसके पन्ने देखे और इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि लेखक ने लद्दाख की पवित्र और सांस्कृतिक विरासत को बेहद बारीकी से दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि एक पर्यटक से खोजकर्ता और फिर लद्दाख की विरासत के समर्पित संरक्षक बनने तक श्रीकांत सोमानी का सफर प्रेरणादायक है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की धीरे-धीरे लुप्त होती कला और सांस्कृतिक विरासत को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करना है।

उपराज्यपाल ने कहा कि पुस्तक का शीर्षक ही इसकी विषयवस्तु को स्पष्ट करता है। इसमें लद्दाख के पवित्र विरासत स्थलों में मौजूद ऐतिहासिक, धार्मिक और कलात्मक महत्व, प्रतीकों तथा दृश्यों के माध्यम से वहां की कहानियों को सामने लाने का प्रयास किया गया है। पुस्तक इन स्थलों की कला और स्थापत्य में छिपी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को समझने का अवसर भी प्रदान करती है।

इस पुस्तक के लेखक श्रीकांत सोमानी प्रसिद्ध उद्योगपति और सोमानी सेरामिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं। लद्दाख की यात्राओं के दौरान वे यहां की कला और सांस्कृतिक विरासत से प्रभावित हुए। इसी रुचि के चलते उन्होंने इस क्षेत्र की विरासत को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने का प्रयास किया।

पुस्तक में लद्दाख के विभिन्न पवित्र विरासत स्थलों की ऐतिहासिक, धार्मिक और कलात्मक विशेषताओं के साथ-साथ उनकी प्रतीकात्मकता और दृश्यात्मक पक्ष को भी बारीकी से प्रस्तुत किया गया है। इसके माध्यम से लेखक ने लुप्त होती कला और विरासत के संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

–आईएएनएस

एसएके/एमएस

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.