विजय दिवस पर बोले लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान-लद्दाख गतिरोध के बाद से पूर्वी कमान में कोई घुसपैठ नहीं

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लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि लद्दाख में चीन के साथ हुई झड़प के बाद से पूर्वी कमान क्षेत्र में कोई बड़ी घुसपैठ या सामना नहीं हुआ है।’

साल 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध को आज 50 साल पूरे हो गए हैं। इस युद्ध में शहीद हुए जवानों के पराक्रम को याद करते हुए इस दिन को ‘विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। 1971 में आज ही के दिन हुए इसी युद्ध के बाद से बांग्लादेश एक देश के रूप में अस्तित्वव में आया था और भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाई थी। 
1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान से आज़ाद कराने में भारत की विजय को चिह्नित करने के लिए हर साल 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है। विजय दिवस के मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि लद्दाख में चीन के साथ हुई झड़प के बाद से पूर्वी कमान क्षेत्र में कोई बड़ी घुसपैठ या सामना नहीं हुआ है। गलावन घाटी में हुई घटना के बाद हमारे और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच एलएसी पर पारस्परिक विश्वास कम हुआ है और इसे फिर से स्थापित होने में समय लगेगा।’

पीएम मोदी ने विजय दिवस के अवसर पर युद्ध स्मारक पर स्वर्णिम विजय मशाल प्रज्वलित की

विजय दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) विपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 1971 के युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने राष्‍ट्रीय समर स्‍मारक पर लगातार जलती रहने वाली ज्‍योति से चार विजय मशाल प्रज्‍ज्वलित कीं और उन्‍हें 1971 के युद्ध के परमवीर चक्र और महावीर चक्र विजेताओं के गांवों सहित देश के विभिन्‍न भागों के लिए रवाना किया। 

Desk Team