लोकतंत्र की अनिवार्य मांग है महिलाओं की भागीदारी: नीरज कुमार

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पटना, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल (संविधान का 131 वां संशोधन) पारित न होने पर जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र की एक स्वाभाविक और जरूरी मांग है, जिसे अब और टाला नहीं जा सकता। नीरज कुमार ने कहा कि देश की महिलाओं ने लंबे समय तक सामाजिक बाधाओं का सामना किया है और उन्हें पार भी किया है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद उन्होंने महिलाओं को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया, जो समानता…

पटना, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल (संविधान का 131 वां संशोधन) पारित न होने पर जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र की एक स्वाभाविक और जरूरी मांग है, जिसे अब और टाला नहीं जा सकता।

नीरज कुमार ने कहा कि देश की महिलाओं ने लंबे समय तक सामाजिक बाधाओं का सामना किया है और उन्हें पार भी किया है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद उन्होंने महिलाओं को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया, जो समानता की दिशा में एक बड़ा कदम था। ऐसे में अब जो भी ताकतें महिलाओं के अधिकारों को सीमित करने की कोशिश कर रही हैं, उन्हें जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। जो दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, वे पहले ही महिलाओं का भरोसा खो चुके हैं और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा।

इस दौरान नीरज कुमार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक और अन्य सैन्य अभियानों ने भारत की शक्ति और संकल्प को दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने दावा किया कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को बेनकाब करने में सफलता हासिल की है।

वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष अपनी सामंती और रूढ़िवादी मानसिकता के कारण इस मुद्दे पर बेनकाब हो गया है। उनके अनुसार, विपक्षी दल महिलाओं को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते और उन्हें घर की चारदीवारी तक सीमित रखना चाहते हैं।

विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पहले ही कई कदम उठाए जा चुके हैं और यह विधेयक उसी सोच को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का प्रयास था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।

–आईएएनएस

एसएके/वीसी

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