LPG संकट से बढ़ी महंगाई! चाय से लेकर पनीर तक सब के दाम हुए दोगुने, रेस्टोरेंट्स ने बदले अपने Menu

Summary :

LPG Crisis in India: मिडिल ईस्ट में अमेर‍िका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की वजह से दुनिया भर में फ्यूल संकट देखने को मिल रहा है। इसका असर भारत में भी दिखने लगा है। खासतौर पर संकट LPG पर है, जो अब देशभर में गहराता जा रहा। गैस कंपनियों ने LPG की कीमतें बढ़ा दी हैं, वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर के ऑर्डर पर रोक से हड़कंप मचा हुआ है। इसका सीधा असर सुबह की चाय-नाश्ते से लेकर रेस्टोरेंट में लंच-डिनर तक पर देखने को मिल रहा है। कल तक दुकानों पर जो एक कप चाय 10 रुपये की मिलती…

LPG Crisis in India: मिडिल ईस्ट में अमेर‍िका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की वजह से दुनिया भर में फ्यूल संकट देखने को मिल रहा है। इसका असर भारत में भी दिखने लगा है। खासतौर पर संकट LPG पर है, जो अब देशभर में गहराता जा रहा। गैस कंपनियों ने LPG की कीमतें बढ़ा दी हैं, वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर के ऑर्डर पर रोक से हड़कंप मचा हुआ है। इसका सीधा असर सुबह की चाय-नाश्ते से लेकर रेस्टोरेंट में लंच-डिनर तक पर देखने को मिल रहा है। कल तक दुकानों पर जो एक कप चाय 10 रुपये की मिलती थी, अब एक ही दिन में उसकी कीमत बढ़कर 15-20 रुपये की हो गई। गैस की किल्लत से खाने की थाली महंगी हुई है, तो कई रेस्टोरेंट्स ने अपने मेनू तक बदल दिए हैं। गैस सिलेंडर के लिए बोली लगानी पड़ रही है, जिसकी कीमत 2000-2500 रुपये या उससे ज्यादा बताई जा रही है।

भारत में गहराया LPG संकट

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में आयी रुकावट की वजह से तेल आयात पर रोक लगा दी है। इससे भारत समेत कई देश जो Oil-Gas Import पर निर्भर हैं, उनकी मुसीबत बढ़ गई है। भारत में सरकार ने LPG संकट की वजह से जमीनी स्तर पर स्थिति लगातार बिगड़ती हुई नजर आ रही हैं। सरकार की तरफ से तेल कंपनियों को घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है, तो वहीं देश में कमर्शियल गैस सिलेंडर ऑर्डर पर रोक की वजह से छोटे कारोबारियों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट-होटलों तक की चिंता बढ़ा दी है।

क्यों हुई LPG की किल्लत?

मिडिल ईस्ट का तनाव भले ही भारत से करीब 3000 किलोमीटर दूर चल रहा हो, लेकिन इसका असर भारत की रसोई से लेकर होटलों और रेस्तरांओं पर भी देखने को मिल रहा है। इसके पीछे का कारण ये है कि भारत अपनी घरेलू एलपीजी आवश्यकता का 60% से ज्यादा आयात करता है और इन आयतों का लगभग 85-90% होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता है और युद्ध के चलते ये बंद है। देश में सालाना लगभग 31 मिलियन टन एलपीजी की खपत है, इसमें से 87% का उपयोग घरों के लिए, जबकि बाकी हिस्सा होटलों और रेस्तरां में जाता है।

चाय-नाश्ते के बढ़े दाम

रेहड़ी-खोमचे वालों का चाय-नाश्ते का कारोबार पूरी तरह से गैस सिलेंडर पर निर्भर होता है। लेकिन LPG की किल्लत की वजह से उन्हें मज़बूरी में अपनी दुकान बंद करनी पड़ रही है। दुकान पर मिलने वाली एक कप चाय की कीमत बढ़ाकर 15 रुपये कर दिया गया है। कई दुकानों पर फुल चाय के रेट 20 रुपये तक कर दिया गया है। इसके अलावा नाश्ते के अन्य खाद्य पदार्थों की भी कीमतें बढ़ी हैं।

गोलगप्पे भी हुए महंगे

न सिर्फ चाय के दाम बढ़े हैं, बल्कि नाश्ते से लेकर डिनर तक पर भी महंगाई की मार देखने को मिल रही है। सिलेंडर न मिल पाने या ब्लैक मार्केट में दाम बढ़ने की वजह से मजबूरी के चलते इसके दाम बढ़ाकर 25 से 30 रुपये तक कर दी गई है। नोएडा में कई जगह गोलगप्पे 20 रुपये में 8 गोलगप्पे वाली प्लेट में अब महज 5 गोलगप्पे आ रहे हैं।

LPG संकट से रेस्तरां मेनू और थाली की कीमतों में बढ़ोतरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, LPG संकट की वजह से बड़े-बड़े होटल-रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। कई रेस्टोरेंट्स ने अपने मेनू ही बदल डाले हैं तो ढाबों पर थाली में परोसी जाने वाली चीजों में कटौती दिखी। दाल, रोटी, सीजनल सब्जी के साथ मिलने वाला मटर पनीर अब थाली से गायब कर दिया गया है। वहीं थाली की कीमत में इजाफा भी देखने को मिला है। अब खाना पकाने के लिए सिलेंडर के बजाय इलेक्ट्रिक तंदूर और इंडक्शन के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। रिपोर्ट्स की मानें, तो कमर्शियल सिलेंडर को तमाम जर‍ियों से हासिल करने के लिए प्रति सिलेंडर 500-100 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।