मध्य प्रदेश: ईडी ने 12.62 करोड़ रुपए की दो अचल संपत्ति जब्त की

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भोपाल, 27 मार्च (आईएएनएस)। मेसर्स एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स मंजू गर्ग और ऋषभ गर्ग से जुड़े एक बैंक फ्रॉड केस के सिलसिले में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत शुक्रवार को 12.62 करोड़ रुपए की दो अचल संपत्ति को जब्त किया है। जब्त की गई संपत्ति में एक कृषि भूमि और एक कमर्शियल प्लॉट शामिल है। सीबीआई और एसीबी की ओर से आईपीसी के 1860 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के अलग-अलग सेक्शन्स के तहत मेसर्स एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया के साथ कथित तौर…

भोपाल, 27 मार्च (आईएएनएस)। मेसर्स एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स मंजू गर्ग और ऋषभ गर्ग से जुड़े एक बैंक फ्रॉड केस के सिलसिले में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत शुक्रवार को 12.62 करोड़ रुपए की दो अचल संपत्ति को जब्त किया है। जब्त की गई संपत्ति में एक कृषि भूमि और एक कमर्शियल प्लॉट शामिल है।

सीबीआई और एसीबी की ओर से आईपीसी के 1860 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के अलग-अलग सेक्शन्स के तहत मेसर्स एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया के साथ कथित तौर पर फ्रॉड करने के मामले में एफआईआर किया गया था, जिसके बाद ईडी ने यह कार्रवाई की। बैंक को लगभग 42 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

इसके बाद सीबीआई और एसीबी भोपाल ने 20 दिसंबर 2022 को स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीबीआई केस), इंदौर के सामने एक चार्जशीट/फाइनल रिपोर्ट फाइल की। जांच के दौरान 6 नवंबर 2024 को एक सर्च ऑपरेशन किया गया। इस दौरान 109.90 लाख रुपए की नकदी और गहने जब्त किए गए।

ईडी की जांच में आगे पता चला कि मेसर्स एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड ने टाटा मोटर्स की गाड़ियों की डीलरशिप के मकसद से बैंक ऑफ इंडिया से लगभग 42 करोड़ रुपए की क्रेडिट सुविधा ली थी। इसके लिए उसने कोलैटरल सिक्योरिटीज की गलत जानकारी दी थी और यह बात छिपाई थी कि गिरवी रखी गई प्रॉपर्टी में से एक पर पहले ही कोटक महिंद्रा बैंक का चार्ज लग चुका था।

आगे की जांच से पता चला कि कंपनी के कैश क्रेडिट अकाउंट से काफी रकम बिना किसी सही बिजनेस वजह के अलग-अलग सिस्टर कंपनियों और संबंधित एंटिटी के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई थी, जिससे फंड की लेयरिंग और डायवर्जन का पता चलता है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

–आईएएनएस

एसडी/वीसी

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