मुरैना, 6 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में वर्षों से सरकारी जमीन पर कागज रहकर मकान बनाने वालों के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना शुरू की है। इस योजना के तहत नि:शुल्क रजिस्ट्रियां की जा रही हैं, जिन इलाकों के पटवारी इस कार्य में बड़ा योगदान दे रहे हैं, उन्हें सम्मानित किया जा रहा है।
मुरैना जिले के ग्राम करुआ में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना अंतर्गत आयोजित स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आजादी के बाद संपत्तियों की पक्की रजिस्ट्री का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण था। गांव में अपनी जमीन पर लाखों रुपए खर्च कर पक्का मकान बनाने के बाद भी उस संपत्ति का कोई रजिस्टर्ड दस्तावेज नहीं होता था। बैंक भी उस संपत्ति पर कोई ऋण नहीं देते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण आबादी को पट्टे दिए। अब राज्य सरकार ने संपत्तियों की पक्की रजिस्ट्री कराने का अभियान शुरू किया है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना में प्रदेशभर में 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर बनेंगे और अपना नर्सिंग होम या अस्पताल खोलना चाहेंगे अथवा कोई अन्य व्यवसाय शुरू करना चाहेंगे, तब बैंक से ऋण लेने के लिए उन्हें रजिस्ट्री के दस्तावेज भी उपलब्ध होने चाहिए। इससे उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत जिन गांवों में 80 से 100 प्रतिशत तक रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, ऐसे गांवों में मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी पहुंचकर धनतेरस पर हितग्राहियों को दस्तावेज बांट रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में पटवारी मुकेश तिवारी एवं विवेक सिकरवार से स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री कार्य की विस्तार से जानकारी ली एवं सम्मानित पटवारियों से उनके अनुभवों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि ग्रामीणों के मकानों की रजिस्ट्री कराते समय उन्हें कैसा अनुभव हुआ। पटवारियों ने बताया कि जब वे किसी ग्रामीण के मकान की रजिस्ट्री कराकर उसे उसके नाम का पक्का मालिकाना अधिकार दिलाते हैं, तो हितग्राही के चेहरे पर आने वाली खुशी और संतुष्टि देखकर उन्हें भी आत्मिक प्रसन्नता होती है। ग्रामीणों का छोटा या बड़ा मकान हो, उसे उसका वैधानिक अधिकार दिलाने से उन्हें अपने कार्य की सार्थकता महसूस होती है। उन्होंने कहा कि यह केवल रजिस्ट्री का कार्य नहीं, बल्कि वर्षों से अपने मकान में रह रहे परिवारों को उनका अधिकार दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने स्वामित्व योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करते हुए 200 से अधिक रजिस्ट्री कराने वाले पटवारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है। पूरे वर्ष किसानों की बेहतरी और आमदनी बढ़ाने के लिए काम करना हमारा उद्देश्य है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अगर कोई किसान 25 गाय या भैंस खरीदने के लिए बैंक से ऋण लेता है और इस पर लगभग 40 लाख रुपए खर्च होते हैं और इस पर 10 लाख रुपए का अनुदान सरकार दे रही है। किसान दूध का उत्पादन करें और सहकारी समिति या अन्य माध्यमों से बेचें। हमारा प्रयास है कि खेती के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से भी किसानों की आमदनी बढ़े और वे आर्थिक रूप से समृद्ध बनें।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया जा रहा है। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली मिल रही है। अब दूर-दराज के ग्रामीण परिवारों को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार दीपावली और उसके बाद गोवर्धन पूजा को भी धूमधाम से मनाने जा रही है। राज्य के सभी विकासखंडों में एक गांव को वृंदावन ग्राम बनाया गया है। किसान और पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गौमाता उपलब्ध कराई जा रही हैं। अच्छी गौमाता पालने वाले गौपालकों को पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं।
–आईएएनएस
एसएनपी/डीकेपी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



