पटना, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने इंडिया ब्लॉक पर तंज कसते हुए कहा कि यह नहीं चाहते हैं कि आधी आबादी को आरक्षण मिले। इसीलिए, संसद में साजिश के तहत बिल को गिराया गया।
पटना में आईएएनएस से बातचीत में महिला आरक्षण पर नीरज कुमार ने इंडिया ब्लॉक को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक के लोग नहीं चाहते कि पिछड़े और अति पिछड़े समाज से आने वाली महिलाओं को आरक्षण मिले। वे सिर्फ परिवारवाद से जुड़े लोगों को सदन में भेजना चाहते हैं। इससे उनकी महिला विरोधी छवि साफ झलकती है।
बंगाल में यूसीसी लागू करने के भाजपा नेताओं के बयान पर नीरज कुमार ने कहा कि यूसीसी लागू होगा या नहीं, यह केंद्र सरकार का विषय है। हालांकि, जदयू की नीति हमेशा से यही रही है कि समाज के किसी भी वर्ग को ठेस न पहुंचे। ममता बनर्जी के पूरे कार्यकाल में टीएमसी सरकार ने अपनी उपलब्धियों को उजागर नहीं किया। कब्रिस्तानों की घेराबंदी, अल्पसंख्यकों के लिए हॉस्टल निर्माण या गरीब तबकों के विकास जैसे कामों की चर्चा नहीं की गई। सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी कोई बात नहीं हुई। वे केवल चुनाव आयोग और एसआईआर पर बयानबाजी करती रहीं, अब इसका नतीजा बहुत बुरा होने वाला है।
उन्होंने नीतीश कुमार को रोल मॉडल बताते हुए कहा कि देश का संविधान सभी धर्मों के प्रति सम्मान की अनुमति देता है। नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में कब्रिस्तानों के साथ-साथ मंदिरों की भी घेराबंदी सुनिश्चित की है, यही उनका आदर्श दृष्टिकोण है।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को लोकसभा में राहुल गांधी के इशारे पर विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण को रोक दिया। उन्होंने देश की महिलाओं के अधिकारों को छीनने का काम किया है। विपक्ष को सिर्फ सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और इंदिरा गांधी दिखती हैं, आम महिलाओं का हक उन्हें नजर नहीं आता।
धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सभी वर्गों की महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने एक साधारण परिवार की महिला को राज्यसभा सांसद बनाया। वहीं, लालू यादव ने अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाया और बेटी को लोकसभा भेजा। हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। विपक्ष ने देश की महिलाओं का अपमान किया है।
उन्होंने बताया कि देशभर में आक्रोश मार्च शुरू हो गया है। पटना में हजारों महिलाएं सड़कों पर उतर चुकी हैं। बंगाल में महिला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के होने के बावजूद उन्होंने आरक्षण रोकने का काम किया, इसलिए महिलाएं उन्हें सत्ता में नहीं आने देंगी।
–आईएएनएस
डीकेएम/एबीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



