नक्सलियों ने अपने ही एक पुराने साथी की हत्या कर दी और मुखबिरी करने के आरोप में एक अन्य व्यक्ति को गोलीमार कर घायल कर दिया। इसके साथ ही नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे एक जिले में कई वाहनों में आग लाग दी। आपको बता दे कि तेलंगाना के भद्रारी कोथागुदेम जिले में शनिवार तड़के नक्सलियों ने जमकर हिंसा व उत्पात मचाया।
उन्होंने एक पूर्व नक्सली की हत्या कर दी और एक अन्य को गोली मारकर घायल कर दिया, जिन पर उन्हें पुलिस का मुखबिर होने का संदेह था। नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे जिले में तीन अलग-अलग घटनाओं में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। वीरमपुर गांव में उन लोगों ने पी. जोगैया की गोली मारकर हत्या कर दी।
नक्सलियों ने उसी जिले में भद्राचलम के सूर्यनगर में एक और शख्स एम. रमेश पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई, हालांकि उसके हाथ पर गोली लगी और वह बच निकलने में कामयाब रहा। जगदीश और रमेश दोनों पहले नक्सली रह चुके हैं। पुलिस ने कहा कि उन लोगों पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि नक्सलियों को उन पर पुलिस के लिए मुखबिरी करने का संदेह था।
नक्सलियों ने भूपतिराओपेत के उसी जिले में चार ट्रकों, दो जेसीबी और एक ट्रैक्टर में भी आग लगा दी। उन लोगों ने एक ट्रक के दो कर्मियों को अगवा कर लिया लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया। हमलों के दौरान नक्सली एक पत्र छोड़ गए, जिसमें लिखा था कि क्षेत्र में अवैध रेत खनन के विरोध में उन्होंने ऐसा किया।
करीब 40-50 नक्सलियों ने तीन टीमें बनाकर हमले को अंजाम दिया। तेलंगाना एक समय नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था, लेकिन पुलिस द्वारा लगातार चलाए गए अभियानों से उनकी गतिविधियां नियंत्रित हो गई। पुलिस ने दावा किया कि 2017 में नक्सली हिंसा में 90 फीसदी कमी आई है।
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