संसद सत्र से पहले मायावती की चेतावनी; ‘राजनीतिक स्वार्थ छोड़ा जाए, वरना अधर में लटकेगा 140 करोड़ जनता का भविष्य’

Summary :

संसद के मॉनसून सत्र से पहले बीएसपी प्रमुख मायावती ने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से गंभीर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ छोड़कर नीट लीक और राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी जैसे जनहित के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

Parliament Monsoon Session 2026 : संसद के मॉनसून सत्र को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे इस सत्र में विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। विपक्षी खेमे के पास नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी और विपक्षी पार्टियों में तोड़-फोड़ जैसे कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सदन में भारी हंगामा होना तय है।

इस गर्मागर्मी के बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दोनों पक्षों से एक बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि संसद को सिर्फ शोर-शराबे और बार-बार के स्थगन की भेंट चढ़ाने के बजाय, देश को परेशान कर रहे बुनियादी संकटों पर खुलकर बात होनी चाहिए। मायावती ने साफ चेतावनी दी कि अगर राजनीतिक स्वार्थ नहीं छोड़े गए, तो देश की 140 करोड़ आबादी और खासकर बहुजन समाज का भविष्य अधर में लटक जाएगा।

‘हंगामे की भेंट चढ़ेगा सत्र या दिखेगी संजीदगी?’

इस बीच BSP चीफ ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए सीधा सवाल दागा कि क्या इस बार भी संसद की कार्यवाही सिर्फ रस्मी हंगामे में कट जाएगी? उन्होंने कहा कि जमीन पर इस समय जनता महंगाई, बेरोजगारी, भयंकर गरीबी, महिलाओं के खिलाफ अपराध और पेपर लीक जैसे मुद्दों से बेहद गुस्से में है। लोगों के इस आक्रोश और सड़कों पर बने आंदोलित माहौल को शांत करने के लिए जरूरी है कि सत्ता और विपक्ष दोनों जिम्मेदारी दिखाएं।

मायावती ने अपने बयान में यूपी से जुड़े राम मंदिर के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे में चोरी, हेराफेरी और गबन के आरोपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। जनता अब उन लोगों से सीधा जवाब चाह रही है जो अपने राजनीतिक फायदे के लिए धर्म को आगे करते हैं। इस मुद्दे पर लोगों की नजरें संसद पर टिकी हैं।

इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा, राजस्थान में सरकारी लापरवाही से हुई गर्भवती महिलाओं की मौत, चुनावी रेवड़ियों के नाम पर हो रही गड़बड़ी और बस्तियों को उजाड़े जाने जैसे मामलों पर भी गहरी चिंता जाहिर की।

‘आर्थिक संकट बड़ा, मिलकर रास्ता निकालें’

वैश्विक हालात और देश की माली हालत का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि एक तरफ अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध का तनाव है, तो दूसरी तरफ डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है। इससे आम आदमी का बजट बिगड़ चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राजनीतिक दुश्मनी और एक-दूसरे पर कीचड़ उछालना बंद करना होगा। दोनों पक्षों को एक टेबल पर बैठकर देश को इस आर्थिक दलदल से निकालने के उपाय ढूंढने चाहिए।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।