सर्वदलीय बैठक में उलटफेर? ‘इंडिया’ अलायंस से दूर हुई DMK, महिला आरक्षण और परिसीमन पर NDA को समर्थन के संकेत

Summary :

संसद के मॉनसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने बागी सांसदों के मुद्दे पर वॉकआउट किया, जबकि गठबंधन से दूर हुई डीएमके ने परिसीमन और महिला आरक्षण पर एनडीए सरकार को समर्थन देने के संकेत दिए हैं।

Parliament Monsoon Session 2026 : संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक काफी हंगामेदार रही। बागी सांसदों की मौजूदगी को लेकर विपक्ष ने शुरुआत में कड़ा विरोध जताया और बैठक से वॉकआउट कर दिया। हालांकि, बाद में विपक्षी नेता वापस लौटे और विधायी कामकाज पर चर्चा शुरू हुई।

इस बैठक में सबसे बड़ा सियासी उलटफेर द्रमुक के रुख में देखने को मिला। तमिलनाडु में कांग्रेस से रास्ते अलग होने और ‘इंडिया’ गठबंधन से दूरी बनाने के बाद डीएमके ने परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर नया स्टैंड लिया है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह मौजूदा लोकसभा सीटों के आधार पर महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के पक्ष में है।

परिसीमन पर DMK की शर्तें

संसद के एजेंडे और राजनीतिक समीकरणों पर केंद्रित यह बैठक सोमवार, 20 जुलाई से शुरू हो रहे सत्र की दिशा तय करने वाली रही। DMK के वरिष्ठ नेता तिरुची शिवा ने साफ किया कि परिसीमन की प्रक्रिया से दक्षिण भारतीय राज्यों के प्रतिनिधित्व को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर इस कवायद से दक्षिणी राज्यों की सीटों पर कोई प्रतिकूल असर पड़ता है, तो परिसीमन को अगले 25 सालों के लिए टाल दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं, जहां कांग्रेस ने TVK के साथ हाथ मिला लिया है। ऐसे में डीएमके का यह बदला हुआ रुख आगामी सत्र में NDA सरकार के लिए काफी अहम साबित हो सकता है।

बैठक में इन मुद्दों पर तकरार

SOURCE : SOCIAL MEDIA

सरकार की तरफ से बुलाई गई इस रणनीतिक बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू मौजूद रहे। वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस के जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी और सपा के धर्मेंद्र यादव समेत कई प्रमुख चेहरों ने हिस्सा लिया। बंद कमरे में हुई इस चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने के लिए कई ज्वलंत मुद्दे उठाए।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी, लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन, हालिया पेपर लीक मामले और देश की विदेश नीति जैसे गंभीर विषयों पर जमकर बहस हुई। विपक्ष ने इन सभी मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग रखी है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।