स्पेन बना FIFA World Cup 2026 का चैंपियन, एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया

Summary :

स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। 19 जुलाई (रविवार) को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने गत चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से शिकस्त दी। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं, जिसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। आखिरकार 106वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को विश्व चैंपियन बना दिया। टोरेस को यह गोल करने का मौका एक अन्य सब्स्टीट्यूट निको विलियम्स के शानदार पास से मिला। Champions.#FIFAWorldCup pic.twitter.com/h7BTVx8R6A — FIFA World Cup…

स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। 19 जुलाई (रविवार) को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने गत चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से शिकस्त दी। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं, जिसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। आखिरकार 106वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को विश्व चैंपियन बना दिया। टोरेस को यह गोल करने का मौका एक अन्य सब्स्टीट्यूट निको विलियम्स के शानदार पास से मिला।

यह स्पेन का दूसरा फीफा वर्ल्ड कप खिताब है। इससे पहले स्पेन ने साल 2010 में पहली बार विश्व कप जीता था। वहीं अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना पूरा नहीं कर सकी। अगर अर्जेंटीना यह मुकाबला जीत जाती तो वह इटली और ब्राजील के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाली तीसरी टीम बन जाती। इससे पहले इटली ने 1934 और 1938, जबकि ब्राजील ने 1958 और 1962 में लगातार दो बार विश्व कप अपने नाम किया था।

एक्स्ट्रा टाइम में आया निर्णायक पल

पूरे मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। हालांकि स्पेन ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और लगातार अर्जेंटीना के गोल पर दबाव बनाए रखा। निर्धारित समय तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। इसके बाद एक्स्ट्रा टाइम में 106वें मिनट पर निको विलियम्स ने शानदार मूव बनाते हुए फेरान टोरेस को सटीक पास दिया।
टोरेस ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और यही गोल मैच का फैसला साबित हुआ।

 

मेसी रहे बेअसर, अर्जेंटीना का अटैक नहीं चला

फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे। स्पेन के डिफेंडरों ने उन्हें पूरे मैच में कड़ी मार्किंग में रखा, जिससे वह कोई बड़ा मौका नहीं बना सके। दूसरी ओर युवा स्टार लैमिन यामाल भी गोल करने में सफल नहीं हुए, लेकिन स्पेन की टीम ने सामूहिक प्रदर्शन के दम पर जीत हासिल कर ली।

पहले हाफ में स्पेन का दबदबा

मुकाबले के पहले हाफ में स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा। टीम ने लगभग 65 प्रतिशत बॉल पोजेशन अपने नाम रखा और दो बार गोल पर सटीक निशाना भी लगाया। इसके विपरीत अर्जेंटीना पहले हाफ में एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा सकी।

इस दौरान अर्जेंटीना को बड़ा झटका तब लगा जब डिफेंडर लिसांड्रो मार्टिनेज पहले येलो कार्ड देखने के बाद चोटिल हो गए। उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और उनकी जगह अनुभवी निकोलस ओटामेंडी को उतारा गया।

दूसरे हाफ में भी स्पेन ने बनाए रखा दबाव

दूसरे हाफ में भी स्पेन ने आक्रामक खेल जारी रखा। इस दौरान उसके पास करीब 68 प्रतिशत बॉल पोजेशन रहा। स्पेन ने कई बेहतरीन हमले किए और आठ बार गोल पर सटीक शॉट लगाए, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने शानदार बचाव करते हुए टीम को लंबे समय तक मुकाबले में बनाए रखा।

दूसरी ओर अर्जेंटीना पूरे दूसरे हाफ में भी एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा सकी। इंजरी टाइम में उसकी मुश्किलें और बढ़ गईं, जब मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को दूसरा येलो कार्ड मिलने के बाद रेड कार्ड दिखाया गया और टीम को अंतिम क्षणों में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।

फाइनल तक का सफर भी रहा शानदार

दोनों टीमों के लिए फाइनल तक पहुंचना आसान नहीं था। स्पेन ने नॉकआउट चरण में फ्रांस और पुर्तगाल जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं अर्जेंटीना ने लगातार तीन नॉकआउट मुकाबलों में अतिरिक्त समय तक चले संघर्षपूर्ण मैच जीतकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया था।

स्पेन :

उनाई सिमोन (गोलकीपर), पेड्रो पोरो, पाउ कुबार्सी, आयमेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्री (कप्तान), फैबियन रुइज, एलेक्स बेना, दानी ओल्मो, लैमिन यामाल और मिकेल ओयार्जाबल।

अर्जेंटीना :

एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर), गोंजालो मोंटिएल, क्रिस्टियन रोमेरो, लिसांड्रो मार्टिनेज, निकोलस टैग्लियाफिको, रोड्रिगो डी पॉल, निकोलस गोंजालेज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडीज, लियोनेल मेसी (कप्तान) और जूलियन अल्वारेज।

स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित और संतुलित प्रदर्शन करते हुए आखिरकार विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब अपने नाम कर लिया। वहीं अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का सपना अधूरा छोड़कर उपविजेता से संतोष करना पड़ा।

Shera Rajput