मोदी के ‘15 घरेलू पर्यटक स्थलों को घूमने’ के आह्वान का बजट में रखा गया ध्यान

Summary :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक देश में 15 घरेलू स्थानों पर घूमने जाने के आह्वान को ध्यान में रखते हुए आम बजट 2020-21 में पर्यटन क्षेत्र के लिए 2,499.83 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक देश में 15 घरेलू स्थानों पर घूमने जाने के आह्वान को ध्यान में रखते हुए आम बजट 2020-21 में पर्यटन क्षेत्र के लिए 2,499.83 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देश में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने पर ध्यान देने के साथ-साथ बजट में आठ नए संग्रहालय खोलने का भी प्रस्ताव है। 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में प्रस्तुत आम बजट 2020-21 में ये प्रस्ताव रखे। वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में पर्यटन मंत्रालय के लिए 2189.21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। 
उन्होंने कहा, ‘‘देश को अंतरराष्‍ट्रीय और घरेलू दोनों तरह के पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्‍य बनाने के लिए उन्‍होंने पर्यटन क्षेत्र के लिए 2020-21 में 2500 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्‍ताव किया है। इसके अलावा संस्‍कृति मंत्रालय के लिए 3,150 करोड़ रुपये के आवंटन का भी प्रस्‍ताव किया गया है।’’ 
आम बजट 2019-20 में संस्कृति मंत्रालय के लिए कुल 3,042.35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
उल्लेखनीय है कि मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन लोगों से अपील की थी कि वह 2022 तक देश के 15 पर्यटक स्थलों पर घूमना सुनिश्चित करें और इसे एक अभियान की तरह लें। 
देश में संग्रहालय विज्ञान और पुरातत्‍व विज्ञान की विधाओं में प्रशिक्षण के लिए देश का पहला ‘भारतीय धरोहर और संरक्षण संस्‍थान भी स्थापित किया जाएगा। 
वित्‍तमंत्री ने कहा कि भारत का वर्ष 2014 में यात्रा और पर्यटन प्रतिस्‍पर्धी सूचकांक (विश्‍व आर्थिक मंच) में 65वां स्‍थान था जो 2019 में 34वें पायदान पर पहुंच गया है। इस कारण विदेशी मुद्रा आय जनवरी से नवम्‍बर 2019 अवधि के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.88 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इस प्रकार 7.4 प्रतिशत बढ़ोत्‍तरी दर्ज हुई है। 
इसी के साथ सीतारमण ने पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से 8 नये संग्रहालयों की स्‍थापना की भी घोषणा की । इसमें पांच प्रमुख पर्यटन स्‍थलों के आस-पास भवन बुनियादी ढांचे का विकास भी शामिल है। 
उन्होंने कहा कि पांच पुरातत्‍व स्‍थलों को स्‍थानिक संग्रहालय स्‍थलों के रूप में विकसित किया जायेगा। इनमें राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (उत्‍तर प्रदेश), शिवसागर (असम), धौलाविरा (गुजरात) और आदिचनल्‍लूर (‍तमिलनाडु) शामिल है। साथ ही पोत परिवहन मंत्रालय लोथल में हड़प्‍पा युग पर प्रकाश डालने के लिए एक पोत संग्रहालय स्‍थापित करेगा। 
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की जनवरी 2020 को कोलकता में की गई घोषणा के अनुसार भारतीय संग्रहालय का पुररुद्धार किया जाएगा। 
ऐतिहासिक पुराने टकसाल भवन में मुद्रा-विषयक और व्‍यापार पर एक संग्रहालय स्‍थापित किया जायेगा। 
रांची (झारखंड) में जनजातीय संग्रहालय की स्‍थापना में मदद की जाएगी। साथ ही पूरे देश में 4 और संग्रहालयों का नवीनीकरण किया जाएगा। 
इस प्रस्‍तावित योजना में राज्‍यों की भूमिका को मान्‍यता देते हुए सीतारमण ने कहा कि पर्यटन में वृद्धि का विकास और रोजगार से सीधा संबंध है। राज्‍यों को एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। राज्‍य सरकारें कुछ चिन्‍हित स्‍थलों के लिए एक योजना तैयार करें और 2020-21 के लिए वित्‍तीय योजना भी तैयार करें। इसके तहत 2020-21 में राज्‍यों को इन स्थलों के विकास के लिए विशिष्‍ट अनुदान उपलब्‍ध कराया जायेगा।

Shera Rajput