तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी के लोकसभा सदस्य सौमित्र खान के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा में जाने के घटनाक्रम पर बुधवार को कहा कि उसने पहले ही उन्हें पार्टी से निकाल दिया है।
वहीं इस नये घटनाक्रम से उत्साहित दिख रही भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पतन की शुरूआत हो गयी है।
तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘वह लंबे समय से पार्टी के संपर्क में नहीं थे। वह अपने क्षेत्र में सही से काम नहीं कर रहे थे। उन्हें अच्छी तरह पता था कि इस बार उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा। हमने आज सुबह ही उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का फैसला किया। निष्कासन पत्र उन्हें भेज दिया गया है।’’
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उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने अपने संसदीय दल से खान के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है ताकि वह तृणमूल कांग्रेस सांसद के रूप में अयोग्य ठहराये जाएं।
लोकसभा में बांकुरा जिले की बिष्णुपुर सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे खान बुधवार को नयी दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गये। इससे लोकसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में भाजपा के अभियान को ताकत मिल सकती है।
तृणमूल कांग्रेस से ही भाजपा में आये वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने कहा, ‘‘यह तो शुरूआत है। कई नेता कतार में हैं। देखते जाइए।’’ माना जाता है कि खान को भाजपा में लाने में रॉय की भूमिका प्रमुख रही। लोकसभा में पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में तृणमूल की सीटों की संख्या अब कम होकर 33 हो गयी है।
खान पहले कांग्रेस में थे और 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले 2013 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। तब भी मुकुल रॉय ने उन्हें तृणमूल कांग्रेस में लाने में अहम भूमिका निभाई थी। रॉय उस समय तृणमूल कांग्रेस के महासचिव थे। रॉय 2017 में भाजपा में शामिल हो गये थे। सौमित्र खान पिछले कुछ सप्ताह से खुलकर राज्य में तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना कर रहे हैं।


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