केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को मसूर, उड़द और तुअर उगाने वाले किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। नई दिल्ली के पूसा परिसर में पूसा कृषि विज्ञान मेले के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, इसकी गारंटी के लिए एमएसपी में लगातार वृद्धि की जा रही है। उन्होंने कहा, “किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए एमएसपी में लगातार वृद्धि की जा रही है।” केंद्रीय मंत्री ने कहा, “किसान भाइयों, चिंता न करें, सरकार न केवल पूरा गेहूं और धान एमएसपी पर खरीदेगी, बल्कि पूरी मसूर, उड़द और तुअर भी एमएसपी पर खरीदी जाएगी।”
मंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि किसान ऋण की सीमा भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है, जो पहले 3 लाख रुपये थी, जो किसानों को सुविधा प्रदान करने की सरकार की मंशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि “इससे विशेष रूप से सब्जी, फल और बागवानी उगाने वाले किसानों को लाभ होगा। अब वे खेती में अधिक पैसा लगा सकते हैं; ये उत्पादन की लागत को कम करने के उपाय हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई प्रयास किए हैं कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। चौहान ने पूसा कृषि विज्ञान मेले के उद्घाटन के दौरान एकीकृत खेती पर जोर दिया और कहा कि किसान एक ही जमीन पर कई खेती की गतिविधियां करके अधिक लाभ कमा सकते हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “विकसित भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। खेती में विकास के बिना विकसित भारत हासिल नहीं किया जा सकता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में कई कदम उठाए जा रहे हैं और उनमें से एक किसान मेला है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) कई फसलों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीज तैयार करता है। किसानों को जमीन पर इसका असर दिखना चाहिए।” इस अवसर पर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया जिसमें बताया गया कि उन्नत बीजों के उपयोग से परिणाम किस प्रकार भिन्न होते हैं, चाहे वे गेहूं, चना, मसूर या कोई अन्य बीज हों।


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