मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई स्थित जोनल ऑफिस ने 2 और 3 जून को मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में 21 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह अभियान मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलएल), 2002 के तहत, सलीम इस्माइल डोला और उसके साथियों द्वारा चलाए जा रहे ‘अंतरराष्ट्रीय संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह’ के खिलाफ जारी जांच के सिलसिले में चलाया गया।
इस तलाशी अभियान में सलीम डोला के संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क को शामिल किया गया, जिसमें गिरोह के शुरू से आखिर तक के सभी अहम हिस्से शामिल थे, जैसे कि प्रीकर्सर केमिकल सप्लायर, केमिकल व्यापारी, सिंथेटिक नशीले पदार्थ मेफेड्रोन (एमडी) के निर्माता/वितरक, हवाला ऑपरेटर और वे लोग जिनके पास इस संगठित ड्रग गिरोह से कमाए गए पैसों से खरीदी गई करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्तियां थीं।
इस तलाशी अभियान का मकसद अवैध सप्लाई चेन और मनी लॉन्ड्रिंग के तंत्र की अहम कड़ियों को निशाना बनाना था, ताकि गिरोह की काम करने की क्षमता और उसके वित्तीय ढांचे को बुरी तरह से बाधित किया जा सके।
तलाशी अभियान के दौरान लगभग 1.33 करोड़ रुपए की नकदी, विदेशी मुद्रा, सोने की ईंट और बैंक बैलेंस जब्त और फ्रीज कर दिए गए। इसके अलावा 2,200 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा भी मिली। इसके अतिरिक्त भारत और दुबई में स्थित करोड़ों रुपए की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए, जिनसे यह संकेत मिलता है कि इस संगठित ड्रग गिरोह से कमाए गए पैसों का एक बड़ा हिस्सा इन संपत्तियों में निवेश किया गया था।
बता दें कि इस मामले में जांच की शुरुआत मुंबई में विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सलीम डोला और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर की गई थी। ये एफआईआर नशीले पदार्थों और साइकोट्रॉपिक पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े अपराधों के लिए दर्ज की गई थी। अब तक की गई जांच से ईडी को एक अत्यंत संगठित अंतर-राष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के अस्तित्व का पता चला है।
यह नेटवर्क प्रीकर्सर केमिकल्स की खरीद, मेफेड्रोन (एमडी) का गुपचुप तरीके से निर्माण, नशीले पदार्थों का अंतर-राज्यीय परिवहन और वितरण, नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी, हवाला चैनलों के माध्यम से अपराध से अर्जित धन को इकट्ठा करना और उसकी ‘लेयरिंग’ (पैसे के स्रोत को छिपाना) तथा अपने साथियों और अन्य लोगों के नाम पर चल और अचल संपत्तियां खरीदना, इन सभी गतिविधियों में लिप्त था। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
–आईएएनएस
डीके/एबीएम
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