महाराष्ट्र में विपक्षी दलों के सदस्यों ने सोमवार को विधान परिषद में ‘सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया’ पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में चूक का आरोप लगाया और औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।बता दें रविवार को नागपुर (Nagpur) जिले के चकदोह में विस्फोटक बनाने वाली फैक्टरी में हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
- फैक्टरी विस्फोट मामले में विपक्ष ने सुरक्षा में लापरवाही का लगाया आरोप
- सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
- फैक्टरी में हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत
सुरक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
विधान परिषद में यह मुद्दा उठाते हुए विपक्षी दलों के सदस्यों ने आरोप लगाया कि फैक्टरी में श्रमिकों का लंबे समय से शोषण किया जा रहा है और उन्हें मानदंडों के अनुसार न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जाता है।कांग्रेस के एक विधान परिषद सदस्य ने कहा कि कंपनी में पहले भी इसी तरह की घटनाएं हुई थीं, जबकि विपक्षी नेता अंबादास दानवे ने कहा कि फैक्टरी में अनिवार्य सुरक्षा अभ्यास नहीं किए गए थे।दानवे ने जवाबदेही तय करने के लिए नागपुर के जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब करने और औद्योगिक सुरक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य शशिकांत शिंदे ने फैक्टरी के सुरक्षा रिकॉर्ड के बारे में भी बात की।
कर्मचारियों के लिये स्थायी रोजगार की मांग
शिंदे ने कहा, ‘‘यह पहली बार नहीं है कि फैक्टरी में विस्फोट हुआ है। पहले भी ऐसी दो घटनाएं हो चुकी हैं।’’फैक्टरी द्वारा पीड़ितों को 20 लाख रुपये और राज्य सरकार द्वारा पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा का जिक्र करते हुए शिंदे ने आश्चर्य जताया कि क्या सरकार निर्दोष लोगों के जीवन की ‘‘कीमत’’ लगा रही है।उन्होंने कहा, ‘‘कंपनी में लगभग 4,000 कर्मचारी दैनिक वेतन के आधार पर मात्र 10,000 रुपये प्रति माह पर काम कर रहे हैं।’’उन्होंने कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों के लिये स्थायी रोजगार की मांग की।
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