लखनऊ, 22 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान ‘राम का नाम लेने से सपा को उतनी ही चिढ़ होती है, जितनी बाबर को थी’ पर सियासत तेज हो गई है। इस बयान का एनडीए नेताओं ने समर्थन किया है, तो वहीं विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सीएम योगी ने बिल्कुल सही कहा है। सपा के लोग अब तक राम मंदिर का दर्शन करने नहीं गए हैं। बाबर से तुलना करके उन्होंने जो कहा है, वह सही है।
वहीं, पटना में बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी का यह कहना सही है कि समाजवादी पार्टी सनातन धर्म और सनातन संस्कृति की विरोधी है। सरावगी ने कहा, “मुस्लिम वोटों और किसी खास समुदाय के वोटों के लिए समाजवादी पार्टी किसी भी हद तक जा सकती है। क्या लोगों को याद नहीं है कि जब देश भर से आए राम भक्तों ने अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराया था, तो समाजवादी पार्टी ने कितने लोगों की जान ली थी? बेरहमी से लाठीचार्ज हुआ, फायरिंग हुई और कई रामभक्त मारे गए।” उन्होंने आरोप लगाया कि अब चुनाव नजदीक आने पर समाजवादी पार्टी फिर से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता असीम वकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को उनके स्टाफ और बीजेपी के लोग सही जानकारी नहीं देते हैं। असीम वकार ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी को अपने लोगों से इस बात की जानकारी ले लेनी चाहिए कि बाबर के रिश्तेदार और बाबर के अनुयायी आजकल कहां हैं। मुख्यमंत्री को मालूम पड़ जाएगा कि बाबर के जो रिश्तेदार थे, उनके वंशज आज बीजेपी में हैं और राजस्थान में डिप्टी सीएम हैं।”
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की किसी भी सेक्युलर पार्टी में बाबर का कोई भी वंशज मौजूद नहीं है। अगर भाजपा में जाकर चेक करेंगे तो आपको बाबर के वंशज मिल जाएंगे।
–आईएएनएस
पीआईएम/पीएम
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