Re NEET 2026 में फिर गड़बड़ी? 24 गिरफ्तार, बायोमेट्रिक सिस्टम पर भी उठे सवाल; जानें क्या है पूरा मामला

Summary :

बिहार के लखीसराय में NEET की दोबारा परीक्षा के दौरान एक बड़े ‘सॉल्वर गैंग’ का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच मेडिकल छात्र और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारी शामिल हैं। जांच से पता चला कि यह गैंग असली उम्मीदवारों की जगह नकली उम्मीदवारों (इम्पोस्टर्स) से परीक्षा दिलाने की साजिश रच रहा था। पुलिस की सतर्कता की वजह से समय रहते पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया और परीक्षा में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला टल गया। NEET 2026 Scam: मेडिकल छात्र गैंग का मुख्य सदस्य निकला पुलिस…

बिहार के लखीसराय में NEET की दोबारा परीक्षा के दौरान एक बड़े ‘सॉल्वर गैंग’ का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच मेडिकल छात्र और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारी शामिल हैं। जांच से पता चला कि यह गैंग असली उम्मीदवारों की जगह नकली उम्मीदवारों (इम्पोस्टर्स) से परीक्षा दिलाने की साजिश रच रहा था। पुलिस की सतर्कता की वजह से समय रहते पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया और परीक्षा में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला टल गया।

NEET 2026 Scam: मेडिकल छात्र गैंग का मुख्य सदस्य निकला

(credit-sm)

पुलिस के अनुसार, गया के ANMMCH मेडिकल कॉलेज का छात्र अर्पित राज इस गैंग का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। अर्पित का नाम पहले 2024 के NEET पेपर लीक मामले में भी सामने आया था और CBI उससे पूछताछ भी कर चुकी थी। इस साजिश का खुलासा तब हुआ जब PMCH के MBBS थर्ड ईयर के छात्र मयंक कश्यप ने बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी बनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया। पुलिस ने सबसे पहले मयंक को हिरासत में लिया; पूछताछ के दौरान उसने गैंग के अन्य सदस्यों और उनके ठिकानों के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद कई जगहों पर छापेमारी की गई।

NEET Re-Exam Controversy: दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा दे रहे थे नकली उम्मीदवार

मयंक से मिली जानकारी के आधार पर लखीसराय के कई परीक्षा केंद्रों पर कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप सात नकली उम्मीदवारों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि इस नेटवर्क में विभिन्न मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों के छात्र शामिल थे। BHU की नर्सिंग छात्रा पूनम कुमारी को एक अन्य उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। इसके अलावा, AIIMS रायबरेली, शाहदरा मेडिकल कॉलेज और NMCH से जुड़े छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की गहन जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।