सोमवार को गाजियाबाद की आठवें मामले पर सीबीआर्ई कोर्ट ने निठारी कांड में कोटी के मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुना दी थी। कोर्ट के फैसले पर खूनी कोठी-5 के आसपास के लोगों ने अपनी खुशी व्यक्त की है।
लोगों ने कहा है कि दोनों आरोपियों को फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए थी और मिली भी है। उन्होंने कहा कि दोनों को जब फांसी होगी तभी उन सब की आत्मा को शांति मिलेगी। लोगों ने कहा है कि फांसी की सजा पर जल्द से जल्द अमल किया जाए।
कोर्ट ने इस केस को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए दोनों आरोपियों को मरते दम तक फांसी पर लटकाने का आदेश दिया है। अपने आदेश में कोर्ट ने साफ लिखा है कि सुरेंद्र कोली अपने मालिक मनिंदर सिंह पंढेर की कोठी डी-5 में लड़कियों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर बुलाता था आक्र उनके साथ रेप करता था। रेप करने के बाद उनकी हत्या करके उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके फेंक देता था। वह कई बार शव के साथ भी शारीरिक संबंध बनाता था और उनके मांस को खाता था।
सुरेंद्र कोली को एक ऐसी मानसिक बीमारी थी जो दुनिया की सबसे खतरनाक सेक्स विकृति बीमारी मानी जाती है। इस विकृति बीमारी का नाम नेक्रोफीलिया है। इस मानसिक बीमारी का व्यक्ति पहले लड़की या फिर महिला की हत्या करता है फिर उसके शव के साथ शारीरिक संबंध बनाता है। भारत में इस बीमारी से विकृति लोग हैं पर काफी कम देखने को मिलें हैं।


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