नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। ईंधन की खपत बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा फैसला लिया। वह ईंधन बचाने के लिए अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करेंगे और खुद बस से सफर करेंगे। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पुणे पुलिस कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और दूसरे सीनियर अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ‘बस’ से संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग का निरीक्षण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बार काफिले में गाड़ियों की संख्या 50 प्रतिशत कम करने का फैसला किया है।
नितिन गडकरी ने पत्र के जरिए कहा कि मेरा कार्यक्रम 14-15 मई को संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग परियोजनाओं का निरीक्षण करने का है। प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार, राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के हित में परिवहन उद्देश्यों के लिए ईंधन की खपत को कम करना आवश्यक है, इसलिए मैंने अपने साथ आए अधिकारियों, पत्रकारों और सुरक्षा कर्मियों के साथ बस से यात्रा करने का निर्णय लिया है। इससे बेहतर यातायात प्रबंधन और जनता की सुविधा भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने आगे कहा कि अनुरोध है कि दौरे के दौरान काफिले में वाहनों की संख्या को सामान्य तैनाती के 50 प्रतिशत तक कम कर दिया जाए। साथ ही उचित व्यवस्था करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
बता दें कि इससे पहले केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग प्रणाली की शुरुआत के साथ भारत विश्व स्तरीय राजमार्ग अवसंरचना की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य पूरे देश में सुगम यात्रा सुनिश्चित करना, प्रदूषण कम करना और लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करना है।
केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शहरी विस्तार सड़क-2 (यूईआर- 2) पर मुंडका-बक्करवाला में देश के पहले बैरियर-रहित टोल प्लाजा का उद्घाटन किया। एमएलएफएफ प्रणाली एक संपर्क रहित और बैरियर-मुक्त टोल संग्रह तंत्र प्रस्तुत करती है, जो वाहनों को बिना रुके टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति देती है। इसमें फास्टैग-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के साथ एकीकृत स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) तकनीक का उपयोग किया जाता है।
–आईएएनएस
डीकेपी/
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