देहरादून, 13 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड के चर्चित एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड बताए जा रहे सुशील गोखरू समेत पांच आरोपियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में राजेंद्र सिंह बिष्ट, तरुण कुमार मौर्य, गौरव रोहिल्ला और ममता भंडारी शामिल हैं।
सीबीआई के अनुसार, नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2025 में एलयूसीसी चिटफंड घोटाले से जुड़े सभी मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। इसके बाद एजेंसी ने 26 नवंबर 2025 को आईपीसी, बीएनएस, उत्तराखंड डिपॉजिटर्स हित संरक्षण अधिनियम और बीयूडीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच में सामने आया है कि एलयूसीसी ने उत्तराखंड में बड़े स्तर पर लोगों को निवेश के नाम पर ठगा। एजेंसी के मुताबिक, करीब 1 लाख से ज्यादा लोगों को अलग-अलग अनियमित निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए लालच दिया गया।
सीबीआई का कहना है कि निवेशकों ने लगभग 800 करोड़ रुपए जमा किए थे। हालांकि, कुछ लोगों को आंशिक भुगतान किया गया, लेकिन अब तक 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी सामने आई है।
जांच एजेंसी ने बताया कि मामले की जांच रोजाना के आधार पर की जा रही है और आरोपियों का पता लगाने के लिए विशेष टीम बनाई गई है। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के जरिए फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
मामले का मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल बताया जा रहा है, जो अपनी पत्नी सानिया अग्रवाल के साथ विदेश भाग चुका है। सीबीआई ने दोनों के खिलाफ नोटिस और सर्कुलर जारी किए हैं।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने घोटाले की रकम से कई अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इन संपत्तियों की जानकारी उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव को भेज दी गई है, ताकि उन्हें फ्रीज किया जा सके।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है। मामले की जांच अभी जारी है।
–आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
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