Nitin Gadkari On Road Accidents: देश में बढ़ते सड़क दुर्घटना मामलों को देखते हुए, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें औसतन 1.8 लाख लोगों की जान जाती है। इनमें से 66% मौतें युवाओं की होती हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार राज्यों को आधुनिक एंबुलेंस देने की योजना बना रही है।
जिसके तहत एंबुलेंस हादसे वाली जगह पर सिर्फ 10 मिनट के भीतर पहुंचेगी। उन्होंने साफ कहा है कि अब सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। सरकार ऐसे मददगारों को न केवल कानूनी सुरक्षा देगी, बल्कि उन्हें ₹25,000 का इनाम देकर ‘राहवीर’ के रूप में सम्मानित भी करेगी।
Nitin Gadkari Road Safety: मददगारों को मिलेंगे 25,000 रूपये

नितिन गडकरी ने बताया कि मददगारों को सरकार ‘राहवीर’ की उपाधि देगी। राहवीर यानी वह व्यक्ति, जिसने इंसानियत दिखाते हुए बिना किसी स्वार्थ के किसी की जान बचाने की कोशिश की। इसके साथ ही सरकार की ओर से ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और लोग आगे बढ़कर मदद करें।
‘मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है’
गडकरी ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि सड़क दुर्घटना के समय लोग घायल व्यक्ति की मदद करने से बचते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है पुलिस पूछताछ, कोर्ट कचहरी और क़ानूनी झंझट। लोग सोचते हैं कि मदद करने पर वह खुद कसी मुसीबत में न फंस जाएं। इसी मानसिकता को बदलने के लिए सर्कार ने ये कदम उठाया है।
उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। अगर आपकी थोड़ी-सी कोशिश से किसी की जान बच सकती है, तो पीछे नहीं हटना चाहिए।
Road Accidents In India: घायलों का ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज

गडकरी ने IIM की एक स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि अगर घायलों को समय पर इलाज मिल जाए तो 50 हजार जिंदगियां बच सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सड़क हादसों में घायल व्यक्ति के लिए पहला एक घंटा बेहद अहम होता है। अगर इस दौरान सही इलाज मिल जाए, तो जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती होने के शुरुआती सात दिनों के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दुर्घटना 1.5 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल सुविधा मिलेगी, जिसमें सरकार तुरंत इलाज में आने वाली फाइनेंशियल दिक्कतों को दूर करने के लिए पेमेंट की सुविधा देगी। अगर इलाज में डेढ़ लाख से ज्यादा का खर्च आता है तो बढ़ा बिल मरीज या परिजन को भरना होगा।
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