केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि कश्मीर मामले को लेकर किसी को भी तकलीफ उठाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी को भी इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए। नकवी मंगलवार को प्रयागराज में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा, “कश्मीर को लेकर किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। न तो किसी तरह की मध्यस्थता की जरूरत है और न ही किसी को इस बारे में कोई तकलीफ उठानी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की जिंदगी में खुशहाली आए, इस संकल्प के साथ केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है।” केंद्रीय मंत्री ने कहा, “समावेशी विकास मोदी सरकार की राष्ट्रनीति है और सर्वस्पर्शी सुशासन राष्ट्रधर्म है। इन सौ दिनों में सरकार ने कड़े और बड़े फैसले भी लिए हैं। इसमें तीन तलाक पर सख्त कानून, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 खत्म करना, छोटे व्यापारियों व किसानों को पेंशन और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय शामिल है।”
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उन्होंने कहा कि आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। नकवी ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि इस बार लगभग दो लाख लोग हज यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद यह अब तक हज यात्रियों का रिकॉर्ड आंकड़ा है, जो कि और भी बढ़ने की उम्मीद है।
नकवी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में पता ही नहीं चलता था कि प्रधानमंत्री कौन है और सरकार कौन चला रहा है। आज देश के साथ पूरी दुनिया को पता है कि धाक और धमक के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार चला रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि आर्थिक मंदी है, मगर साथ ही उन्होंने इसे कम समय के लिए बताया।


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